जन्माष्टमी की रात करें गुप्त दुर्लभ श्रीकृष्ण मंत्र का जाप, पूरी होंगी मनोकामनाएं, नहीं होगी धन की कमी

By Ashish Gupta

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03 Sep 2018, 08:12 PM IST

Raipur, Chhattisgarh, India

रायपुर. भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को द्वापर युग में मथुरा में रात्रि 12.00 बजे श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए इस रात्रि को मोहरात्रि की संज्ञा दी गई है। भगवान श्री कृष्ण को भगवान विष्णु के अवतार माने गए हैं। जन्माष्टमी की रात कोई भक्त यदि उनकी सच्चे मन से आराधना या साधना करता है, उसे उत्तम फल की प्राप्ति होती है। जल्द ही उसके जीवन में परिवर्तन दिखाई देने लगता है। जन्माष्टमी की रात्रि में किसी प्रकार के उपाय भक्तजन द्वारा किए जाते हैं तो वह तत्काल फलदायी होते हैं। भगवान कृष्ण की उनके ऊपर कृपा होने लगती है।

जन्माष्टमी की रात करें एक उपाय

कई लोग जीवन में अथक मेहनत व परिश्रम करते हैं फिर भी उन्हें उपयुक्त परिणाम प्राप्त नहीं होता है। उन्हें स्वास्थ्य, धन, संबंधी कई बाधाओं व मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। यदि भक्त सभी कार्यों की सिद्धि के लिए जन्माष्टमी की रात बस एक उपाय करें। इस उपाय को करने से उन्हें सभी बाधाओं व संकटों से मुक्ति मिल जाएगी और उन्हें दुर्लभ चमत्कार देखने को मिलेगा।

जन्माष्टमी की रात दुर्लभ मंत्र का जाप करने से निश्चित तौर से उनके जीवन की समस्त अभिलाषाएं जल्द ही पूर्ण हो जाएंगी। वो उत्तरोत्तर प्रगति की ओर अग्रसर रहेंगे।

इस प्रकार रहेगा मंत्र का विधान
- गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।
- इसके बाद आसन लगाकर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना चाहिए।
- भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए इस गुप्त महामंत्र का जाप करना चाहिए।
- इस गुप्त महामंत्र का जाप विषम संख्या जैसे 5, 11, 21, 51 आदि में करना चाहिए।
- भक्त जाप करते समय तुलसी जी या स्फटिक माला से मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए इस मंत्र के जाप करने की बात को गुप्त रखना चाहिए।

ये है दुर्लभ गुप्त महामंत्र
ॐ श्रीं श्रीधराय त्रैलोक्य मोहनाय नमोस्तुते

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