रेल यात्रियों से बड़ा धोखा: जिस पूड़ी-सब्जी को आप चाव से खाते हैं ये है उसकी असली सच्चाई

By: Deepak Sahu

Published On:
May, 21 2019 09:13 PM IST

  • * तेल और आटे की क्वालिटी पर बड़ा सवाल, परखने के मामले जिम्मेदार अफसर कोसों दूर

    * स्टेशन में खानपान ठेकेदार की गहरी सांठगांव से चल रहा ऐसा ही खेल

रायपुर। रेलवे(Railway) अपने हजारों यात्रियों की सेहत से बड़ा धोखा कर रहा है। स्टेशन(Railway Station)में 15 रुपए में पूड़ी-आलू की सब्जी, समोसा, कचौड़ी जैसी जो सामग्री परोसी जा रही है, उसे खाकर यात्रियों की सेहत खराब हो जाए या फिर बचें, भगवान ही जानें। पीक यात्री सीजन में हजारों यात्रियों की सेहत को देखते हुए जब मंगलवार को ‘पत्रिका’ टीम पड़ताल की तो चौंकाने वाला माजरा सामने आया।

रेलवे(Railway) का ठेकेदार स्टेशन से करीब डेढ़ किमी दूर पूड़ी-आलू की सब्जी यानी 15 रुपए में जनता खाना सिर्फ सात रुपए में तैयार करने के लिए ठेका दे रखा है। ताकि वहां तक जांचने-परखने कोई पहुंच न सके। वहां से सप्लाई कराकर स्टेशन में यात्रियों के बीच खपाने के खेल को अंजाम दिया जा रहा है।

खोजबीन करने पर पता चला कि स्टेशन(Railway Station) परिसर में डेढ़ किमी दूर मंगल बाजार क्षेत्र के एक गली में छोटे से मकान में स्टेशन में सप्लाई होने वाला जनता खाना से लेकर समोसा, कचौड़ी तली जा रही है। हैरान कर देने वाला तथ्य यह सामने आया कि आज तक ठेकेदार के इस किचन में किस तरह की क्वालिटी का तेल और आटे का उपयोग किया जा रहा है, उसका कोई सेम्पल ही नहीं लिया गया है।

इसी का पूरा फायदा उठाते हुए स्टेशन में खानपान स्टॉलों का संचालन करने वाला सनसाइन केटर्स का मैनेजर खुला फायदा उठा रहा है। इस तरह के खाद्य पदार्थों को यात्रियों के बीच खपा कर कमाई करने का बड़ा जरिया बना लिया गया है। दूसरी तरफ रेलवे के जांच-पड़ताल करने वाले अफसर भी संदेह के घेरे हैं, जिनकी जिम्मेदारी ठेकेदार के बेस किचन में उपयोगी की जा रही सामग्री, साफ-सफाई देखने की हैं।

इसके पीछे सांठगांव से भी इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि आज तक रेलवे के किसी अधिकारी ने बेस किचन को देखा ही नहीं। जांच के नाम पर केवल स्टेशन में ही खानापूर्ति की जा रही है।


अधिक से अधिक कमाई का चल रहा खेल

रेलवे प्रशासन(Railway Ministry) यात्रियों को गुणवत्तायुक्त खानपान उपलब्ध कराने का दावा करता है। लेकिन कहां से किस तरह बनकर पूरी-सब्जी (जनता खाना) समोसा, कचौड़ी स्टेशन में खपाई जा रही है, इससे कोई सरोकार नहीं है। सिर्फ कमाई का ही खेल चल रहा है।

इसी तर्ज पर रेलवे के सबसे बड़े राजधानी(Raipur) के रेलवे स्टेशन में खानपान ठेकेदार का खेल चल रहा है। जब विभाग के बड़े अफसरों से खानपान ठेकेदार सनसाइन केटर्स के बेस किचन के बारे में पूछा गया तो साफतौर पर बोले की इसकी उन्हें जानकारी ही नहीं है। केवल स्टेशन में ही जांच के लिए सेम्पल लेते हैं।

Published On:
May, 21 2019 09:13 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।