जेपी को 27 अक्टूबर तक जमा करने होंगे 2000 करोड़ रुपए

By: Sunil Sharma

Published On:
Sep, 12 2017 02:39 PM IST

  • कंपनी बंगाल की खाड़ी में डूबे, पर निवेशक के हित सुरक्षित रहें : कोर्ट

नई दिल्ली। बिल्डरों के साथ धोखाधड़ी करने और खुद को दिवालिया बताने की कोशिश में जुटे जेपी इंफ्राटेक ग्रुप पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जेपी ग्रुप को झटका देते हुए आदेश दिया कि कंपनी २७ अक्टूबर तक 2000 करोड़ रुपए जमा कराए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें फ्लैट खरीदारों की फिक्र है। साथ ही कोर्ट ने उन बैंकों को भी निर्देश दिए हैं, जिन्होंने जेपी के फ्लैट्स के लिए लोगों को लोन दिया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों के साथ नरमी बरती जाए।

कोर्ट ने कहा कि कंपनी चाहे बंगाल की खाड़ी में डूबे या अरब सागर में लेकिन निवेशकों के हित सुरक्षित रहने चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलटी के इलाहाबाद बेंच के दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है।

निदेशकों के विदेश जाने पर रोक लगाई
होम बायर्स की की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के निदेशकों के देश छोडऩे पर भी रोक लगा दी। कोर्ट ने अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल्स से ४५ दिनों में समाधान योजना देने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी को एक राहत देते हुए कहा है कि वो लैंड और बाकी प्रॉपर्टी बेचकर दो हजार करोड़ इक_ा कर लें।

सहारा केस : हम देखेंगे कि वो निवेशक थे, काल्पनिक थे या चांद से आए थे
निवेशकों का पैसा वापस लौटाने के मामले में सहारा समूह ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अब केवल 8657 करोड़ बकाया हैं। ये राशि हम दो माह में जमा कर देंगे। इसके लिए हमें समय दिया जाए। सहारा समूह की इस मांग का सेबी ने विरोध किया। कोर्ट ने सहारा समूह की इस अर्जी को खारिज कर दिया है कि एंबी वैली को नीलाम नहीं किया जाए।

सहारा ने कहा कि सितंबर तक एंबी वैली की नीलामी रोकी जाए। उस समय तक सहारा समूह 15 सौ करोड़ का इंतजाम कर लेंगे। कोर्ट ने कहा पहले पैसे जमा हो उसके बाद हम देखेंगे कि निवेशक को पैसा आपके कहे मुताबिक मिला था या नही। हम ये भी देखेंगे कि वो निवेशक थे, काल्पनिक थे या चांद से आये थे।

Published On:
Sep, 12 2017 02:39 PM IST

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