लुटेरी दुल्हन और सरगना गिरफ्तार, शादी के दो घंटे बाद ही दुल्हन हुई थी फरार

By: Devi Shankar Suthar

Updated On:
10 Jul 2019, 09:15:13 PM IST


  • ढाई लाख में हुआ था सौदा
    खरगोन जिले में कराया था विवाह


प्रतापगढ़
हथुनिया पुलिस ने विवाह के नाम पर ठगी करने वाले एके गिरोह को गिरफ्तार किया है। इसमें दुल्हन बनी महिला और दो युवकों को पकड़ा है। तीनों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया। जबकि एक अन्य दलाल महिला की तलाश की जा रही है। हथुनिया एएसआई शिवलाल ने बताया कि थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव निवासी विष्णुलाल पाटीदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसका विवाह २२ मार्च को खरगोन जिले में सुनीता नाम की एक महिला ने कराया था। जिसमें गादोला गांव की धापुबाई, बांसवाड़ा जिले के सदर थाना इलाके के सेमलिया निवासी सुनील पुत्र नानूराम डोली, खरगोन जिले के गोगावा जिले के रूपखेड़ा गांव का विक्रम उर्फ इगराम पुत्र बावला बालोदी आदिवासी ने ढाई लाख रुपए में कराया था। उनका विवाह खरगोन के एक मंदिर में कराया। शादी में करीब ५० हजार रुपए के गहने भी बनाए और दुल्हन को पहनाए गए थे। शादी के बाद वे दुल्हन लेकर खरगोन से रवाना हुए। वे यहां जहां हाइवे पर एक ढोबे पर रुके और चाय-पानी करने लगे। इस दौरान दुल्हन सुनीता ने चकमा देकर वहां से फरार हो गई। जो वापस नहीं आई। काफी ढूंढने के बाद भी सुनीता का कहीं पता नहीं चल पाया। इसके बाद कहीं जाकर उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। इस पर पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। थाना प्रभारी शंभूसिंह ने इस मामले में टीम का गठन किया। जिसमें एएसआई शिवलाल और अन्य पुलिसकर्मी को शामिल किया गया। टीम ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया। जिसमें सुनीता, विक्रम और सुनील को गिरफ्तार किया। जबकि गादोला की धापुबाई की तलाश जारी है।
बारात लेकर गए थे प्रतापपुरा से
गादोला की धापुबाई और बांसवाड़ा के सुनील ने विवाह के लिए दलाली की। दोनों ने खरगोन के विक्रम से सम्पर्क किया। इसमें ढाई लाख रुपए का सौदा किया गया। इसके बाद नियत दिन २२ मार्च को प्रतापपुरा से विष्णु की बारात लेकर गए थे।
पहले से विवाहित है दुल्हन
पुलिस अनुसंधान में पता चला कि सुनीता पहले से विवाहिता है। जो विक्रम की ***** है। जो खरगोन जिले की भगवानपुरा थाना इलाके के नांदिया गांव के सुनील सोलंकी आदिवासह की पत्नी है। विष्णु के दिए गए आभूषण वासप लिए और विष्णु को दिला दिए।
आरोपियों के थे केवल नाम
जांच अधिकारी शिवलाल ने बताया कि पीडित विष्णु के पास दोनों आरोपी के केवल नाम ही मालूम थे। पता मालूम नहीं था। इस पर उन्होंने गादोला निवासी धापूबाई से पूछताछ की। लेकिन वह भी अनजान थी। उसके पास बांसवाड़ा के सुनील का केवल मोबाइल नंबर था। इस आधार पर उन्होंने सुनील से सम्पर्क किया। सुनील ने कई दिनों तक सही जानकारी नहीं दी। इसके बाद सुनील से सख्ती से पूछताछ करने पर वह विक्रम के पास ले गया। जहां से विक्रम को पकड़ा। उसके बताए पते पर सुनीता को भी पकड़ा। तीनों को गिरफ्तार किया।

Updated On:
10 Jul 2019, 09:15:13 PM IST

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