राजस्थान बजट 2019-20: गहलोत के पहले बजट में युवाओं को रोजगार पर जोर, ग्रामीण विकास का रखा है ध्यान, लेकिन बजट में कहीं नहीं दिखा प्रतापगढ़

By: Rakesh kumar Verma

Published On:
Jul, 11 2019 06:09 PM IST

  • क्या मिला मेरे शहर को

एक हजार करोड़ की लागत से किसान कल्याण कोष का गठन
कृषि ज्ञानधारा कार्यक्रम होगा
किसानों को कुसुम योजना के तहत मिलेंगे सोलर पम्पसेट
कृषि कनेक्शन के लिए बनेंगे अलग से फीडर
ग्राम पंचायतों पर बनेंगे विकास पथ
प्रतापगढ़. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट में प्रतापगढ़ के लिए प्रत्यक्ष रूप से कोई घोषणा नहीं की। लेकिन अपने बजट भाषण के प्रारम्भ में जिस तरह गांव और किसान का जिक्र किया तथा ग्रामीण विकास और किसान हित में अनेक घोषणाएं की, उनका लाभ प्रतापगढ़ के लोगों को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर ‘ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग’ का नया नारा दिया। इसके तहत उन्होंने कृषक कल्याण कोष की स्थापना की। इस कोष से किसानों को समय समय पर मदद दी जाएगी। कोष में 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। चूंकि प्रतापगढ़ में खेती आजीविका का प्रमुख साधन है। इसलिए इस कोष से प्रतापगढ़ के किसानों को लाभ मिलना भी तय है। इसी तरह मुख्यमंत्री ने प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर विकास पथ बनाने की घोषणा की। धार्मिक स्थलों को सडक़ मार्ग से जोडऩे की घोषणा का भी प्रतापगढ़ को लाभ मिलेगा।
जिले को नहीं मिली खास सौगात, इसकी है जरूरत
फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगे
जिले में आजीविका का एकमात्र साधन कृषि ही है। यहां सोयाबीन, अफीम, कपास जैसी नकदी फसलें होती है। जिले में यदि एग्रो बेस्ड किसी इंडस्ट्री या फूड प्रोसेसिंग यूनिट की घोषणा होती तो किसानों की उपज का अच्छा दाम मिलता और जिले के लोगों को रोजगार भी मिलता। बजट में प्रतापगढ़ का कहीं जिक्र भी नहंी है।
जलसंकट से मिले निजात
प्रतापगढ़ शहर सहित पूरे जिले में पेयजल का भारी संकट है। जिले में अच्छी बारिश होते हुए भी यहां जल सप्लाई का प्रबंधन और व्यवस्था बिगड़्ी हुई है। बजट में कई जगह पेयजल योजनाओं की घोषणा की गई है, लेकिन प्रतापगढ़ इससे अछूता है। हालांकि विधायक ने विधानसभा में जाखम की ऊंचाई बढ़ाने का मुद्दा उठायाथा था।
आदिवासी क्षेत्र का अलग हो बजट
आदिवासी क्षेत्र के लिए अलग से बजट का प्रावधान होना चाहिए। इस बजट में उदयपुर व सागवाड़ा में निशुल्क कोचिंग सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई है, लेकिन प्रतापगढ़ के लिए दोनों ही सेंटर दूर पड़ते हैं। यह सेंटर प्रतापगढ़ या बांसवाड दोनेां जिलों में से किसी एक जिले भी होना चाहिए।
सिंचाई
जिले में सिंचाई के लिए बांधों एनिकटों और नहरी तंत्र कमजोर है। बरसात का पानी बहकर निकल जाता है। प्रतापगढ़ में नदी नालों में एनिकट व छोटे बांध बनाकर इस पानी को सिंचाई के लिए काम लिया जा सकता है।

बिजली कई गांव अब भी अंधेरे में
प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में भले ही आत्मनिर्भर हो रहा हो। लेकिन बिजली प्रसारण और वितरण की सुविधा अब भी कमजोर है। आदिवासी बहुल प्रतापगढ़ मे तो विद्युत आपूर्ति की स्थिति अत्यंत ही कमजोर है। कई गांवों में बिजली पहुंची ही नहीं। जहां पहुंची जहां भी चौबीस घंटे बिजली नहीं आती।

ये हंै जिले के हॉट इश्यू
खेल सुविधाएं विकसित हो
पिछले बजट में नजाति क्षेत्रों में संचालित 5 खेल छात्रावासों को स्पोट्र्स एकेडमी के रुप में अपग्रेड कर एक खेल विशेष के क्षेत्र में विकसित करने की घोषणा कीगई थी। खेल एकडमी तो बन गई लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।

शिक्षा गांवों में नहीं है शिक्षक
जिले के कई गांवो में सरकार ने प्राइमरी स्कूलें तो खोल दी, लेकिन यहां स्टाफ की कमी है। अधिकांश बाहरी जिलों के है जो यहां कम ही टिकते हैं। जिला मुख्यालय सहित कई गांवों में एकल शिक्षक वाले स्कूल हैं, जहां परेशानी ज्यादा है।

चिकित्सा नहीं ुरुकते डॉक्टर
जिले में सरकार ने इस बजट में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं की, लेकिन जो चिकित्सालय है, उनमें भी चिकित्सकों की कमी है। यहां सबसे बड़ी समस्या है डॉक्टरों का ठहराव। बाहरी जिलों के चिकित्सक यहां आना पसंद नहीं करते। अन्यत्र तबादला करवा लेते हैं।
सडक़ें कब होगा कायाकल्प
इस बजट में सडक़ निर्माण को लेकर काफी कुछ कहा गया है। बजट भी अच्छा खासा स्वीकृत किया गया है। लेकिन प्रतापगढ़ में सडक़ों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। विशेषकर प्रतापगढ़ पीपलोदा मार्ग तो जिले का सबसे हॉट इश्यू है। इस सडक़ पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।

परिवहन के साधन नहीं
प्रतापगढ़ जिला ऊंचाई पर स्थित जिला है। यहां कई पहाडिय़ों पर बसे हैं तो कई घने जंगलो में । इन गांवों और कस्बों तक पहुंंचने के लिए यातायात के साधनों की बहुत बड़ी कमी है। आदिवासी बहुल गांवो में अवैध वाहनों की भरमार है। ये वाहन ओवरलोड सवारियां लेकर चलते हैं। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। खराब सडक़ और कम यात्री भार के चलते रोडवेज ने गांवो में कई बसें बंद कर दी। इस सरकार ने उन बसों को वापस चलाने की घोषणा की है। परिवहन की बेहतरी की उम्मीद जगी है।

सीएम ने सर्व वर्ग के विकास पर दिया है जोर
बजट में विकास सम्बंधी कई घोषणाएं की है। जिसका फायदा हर वर्ग को होगा।
मु ख्यमंत्री ने अपने इस कार्यकाल के पहले बजट में विकास संबंधी कई घोषणाएं की है। जैसे युवा रोजगार योजना, एक उद्यमी एक खेल योजना, मुख्यमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि। बजट में किसानों के हितों से जुड़ी कई घोषणाएं भी की गई है। इसी तरह नई शिक्षा नीति का ऐलान भी किया गया है। ऐसी अनेक योजनाएं हैं जिससे राज्य का विकास होगा। छोटे-छोटे गांवों में ई-मित्र की सुविधा प्रदान करने की घोषणा से भी ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी एवं कृषक वर्ग के लोगों को बार-बार शहर नहीं आना पड़ेगा। प्रदेश में नई कोर्ट खोलने के प्रावधान से न्यायालय में लंबित पड़े प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण होगा। आवासीय मकानों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में कमी करने की घोषणा से आम जनता को नए मकान खरीदने में सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा कर विभाग के लंबित पड़े इनपुट मिसमैच सत्यापन परेशानी को शिविर लगाकर निपटाने की योजना से व्यापारी वर्ग को राहत मिलेगी। वाणिज्यिक कर विभाग में पेंडिंग चल रही मांग राशि में कमी आएगी। कुल मिलाकर बजट संतोषप्रद है। यदि मुख्यमंत्री पेट्रोल डीजल पर वैट की दर कम कर देते तो आम जनता को राहत प्रदान होती। मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार देने के लिए 75000 पद भरने की घोषणा भी की है। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री ने बजट में ग्रामीण विकास सहित सभी वर्गों के विकास पर ध्यान दिया है।
अनिल करनपरिया, सचिव जिला टैक्स बार एसोसिएशन


इन्होंने बजट सराहा

मुख्यमंत्री ने शानदार बजट पेश किया है। आदिवासियों, बेरोजगारों, किसानों, उद्यमियों आदि को कई सौगातें दी है। बांध निर्माण की घोषणा में प्रतापगढ़ को भी शामिल किया है।
रामलाल मीणा, विधायक

इस बजट से अच्छा कुछ नहीं हो सकता। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। युवाओं के लिए 75000 रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
सुरेन्द्र चंडालिया, सदस्य, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी


नवीन उद्योगों के लिए 3 वर्षों तक किसी भी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होने की बात को बजट में कहा जो कि एक बहुत ही सराहनीय कदम है।
मोहित भावसार, प्रवक्ता, जिला कांग्रेस कमेटी


आंगन वाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय बढ़ाना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना व महिलाओं के लिए प्रियदर्शिनी निधि योजना बजट की सबसे अच्छे बिंदु है। बजट में सबका ध्यान रखा गया है।
लता शर्मा, जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस, प्रतापगढ़

इन्होंने बजट नकारा
यह बजट मात्र योजनाओं का नाम बदलने का पुलिंदा भर है।कांगे्रस सरकार अपनी की गई घोषणाओं को भी भूल गई। कर्जमाफी नहीं हुई।
सीपी जोशी, सांसद, चित्तौडगढ़-प्रतापगढ़


सरकार जनता से किए वादे निभाने में पूरी तरह निष्फल रही है।यह बजट कम और मुख्यमंत्री बचाओ अभियान अधिक लग रहा है। वादे पूरे नहीं किए।
कमलेश डोसी, सभापति, नगर परिषद, प्रतापगढ़


कर्जमाफी और बेरोजगारी भत्ता देने का सरकार का वादा झूठा साबित हुआ है। जादूगर अब बजट के नाम पर झूठ का एक और पुलंदा लेकर विधानसभा में हाजिर हुए।
महेश शर्मा, प्रवक्ता, भाजपा

पूर्व सरकार कीं ओर से स्वीकृत सडक़ों का काम रोक करनई सडक़ेकी घोषणा जनता को मूर्ख बनाने का काम है। डीलसी दरें भी पहले ही बढ़ा दी गई थी।
मुुकेश नागर, नगर अध्यक्ष, भाजपा, प्रतापगढ़

Published On:
Jul, 11 2019 06:09 PM IST

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