पीएम मोदी की 'परीक्षा पर चर्चा' को लेकर राहुल गांधी ने कसा तंज, बोले- 'खर्चा पर भी हो चर्चा'

By: धीरज शर्मा

|

Published: 08 Apr 2021, 02:41 PM IST

राजनीति

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने बुधवार को 'परीक्षा पर चर्चा' ( Pariksha pe charcha ) कार्यक्रम के जरिए छात्रों के साथ संवाद किया। अब कार्यक्रम पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने पीएम मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को लेकर तंज कसा है।

उन्होंने कहा कि आसमान छूते ईंधन के दाम के बीच गाड़ी में तेल भरना भी किसी परिक्षा से कम नहीं है, इसलिए पीएम मोदी को लोगों की ढीली होती जेब को देखते हुए 'खर्चे पे चर्चा' करनी चाहिए।

यह भी पढ़ेँः चुनावी रैलियों में मास्क की अनदेखी पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने गुरुवा को एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- केंद्र सरकार की टैक्स वसूली के कारण गाड़ी में तेल भराना किसी इम्तहान से कम नहीं, फिर प्रधानमंत्री इस पर चर्चा क्यूं नहीं करते। खर्चा पे भी हो चर्चा।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को ‘परीक्षा पर चर्चा’ के ताजा संस्करण में डिजिटल माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया।

यह भी पढ़ेंः सचिन वाजे ने अनिल परब पर लगाए गंभीर आरोप, बचाव में संजय राउत, बोले- उद्धव सरकार गिराने के लिए की जा रही डर्टी पॉलिटिक्स

इस दौरान उन्होंने कहा कि परीक्षा छात्रों के जीवन में आखिरी मुकाम नहीं, बल्कि एक छोटा सा पड़ाव होता है, इसलिए अभिभावकों या शिक्षकों को बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। अपने इस संवाद के दौरान उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए और परीक्षा का सामना करने के तरीके भी बताए।

सुरजेवाला ने भी महंगाई को लेकर साथा निशाना

वहीं पीएम मोदी की परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को लेकर अब सियासत गर्मा रही है। राहुल गांधी के अलावा पार्टी नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी महंगाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि- 73 वर्षों में सबसे महंगी और जालिम सरकार, हर रोज किसान पर करती नया वार। जो कभी नहीं हुआ, वो जुल्म कर दिखाया।

मोदी सरकार ने 700 रुपए डीएपी खाद बढ़ाया, जिससे 1200 का 50 किलो का डीएपी 1900 रुपए के पार चला गया। मोदी जी पहले ही खेती की लागत 15,000 रुपए प्रति हेक्टेयर बढ़ा चुके हैं। सब याद रखा जाएगा ।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।