ट्रिपल तलाक पर एक बार फिर अध्यादेश लाई मोदी सरकार, तलाक ए बिद्दत दंडनीय अपराध

By: Dhirendra Kumar Mishra

Updated On: Feb, 21 2019 09:56 AM IST

  • - अध्यादेश महिलाओं के हकों की रक्षा करेगा
    - महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा
    - ट्रिपल तलाक बिल राज्‍यसभा में नहीं हो सका पास

नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन तलाक से जुड़े अध्यादेश को एक बार फिर मंजूरी दे दी है। इसके तहत तलाक-ए-बिद्दत को दंडनीय अपराध माना गया है। बता दें कि ट्रिपल तलाक बिल बजट सत्र के दौरान लोकसभा से पास होने के बाद राज्‍यसभा में पास नहीं हो सका था। 16वीं लोकसभा के आखिरी सत्र के खत्म होने के साथ ही अध्‍यादेश समाप्त हो गया था। इसलिए बिल को दोबारा लाना केंद्र सरकार के लिए जरूरी हो गया था। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये अध्यादेश मुसलमान महिलाओं के हकों की रक्षा करेगा।

राहुल गांधी ने रद्द की प्रियंका गांधी के नए सलाहकार की नियुक्ति, आशीष के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले

सरकार बिल को नहीं करा पाई पास
आपको बता दें कि इससे पहले ट्रिपल तलाक पर सितंबर, 2018 में भी मोदी सरकार द्वारा अध्यादेश लाया गया था। उस समय भी यह बिल राज्‍यसभा में पास नहीं हो पाया था। तब कांग्रेस ने संसद में कहा था कि इस बिल के कुछ प्रावधानों में बदलाव किया जाना चाहिए। इस बार तो कांग्रेस ने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस सरकार बनाने में सफल हुई तो इस बिल को पास नहीं कराया जाएगा। दरअसल, संविधान में बताया गया है कि किसी विधेयक को लागू करने कि लिए सरकार विशेष स्थिति में अध्यादेश का इस्तेमाल कर सकती है।

पुलवामा अटैक के बाद पहली बार इमरान ने फिर अलापा 'कश्‍मीर का राग'

Published On:
Feb, 21 2019 08:56 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।