मेघालय: राज्यपाल तथागत रॉय का विवादित ट्वीट, कहा- 'बंगाली लड़कियां हैं बार डांसर'

By: Shiwani Singh

Updated On: Jun, 06 2019 07:42 PM IST

    • मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय के ट्वीट से मचा बवाल
    • तृणमूल कांग्रेस ने तथागत रॉय के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
    • हिन्दी की अनिवार्यता पर जारी विरोध पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली। मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय के ट्वीट से पश्चिम बंगाल में हड़कंप मचा हुआ है। तथागत रॉय ने कहा कि बंगाल कभी महान हुआ करता था लेकिन अब नहीं। पश्चिम बंगाल की महानता घट चुकी है। अब बंगाली लोग फर्श साफ करते हैं और लड़कियां बार में नाचती हैं। बता दें कि अपने ट्वीट में मेघालय के राज्यपाल ने हिन्दी शिक्षा की अनिवार्यता पर कुछ राज्यों के विरोध पर भी नाराजगी जाहिर की और इससे जुड़ कई ट्वीट किए।

यह भी पढ़ें-NGT का बड़ा बयान: रेप-मर्डर से छोटा अपराध नहीं प्रदूषण फैलाना, हर साल होती हैं लाखों मौतें

विवादित ट्वीट

रॉय ने लिखा, 'हिन्दी शिक्षा को लेकर जारी विरोध यह कोई बहुत बड़ा नहीं। जो लोग हिन्दी का विरोध कर रहे हैं उसकी पीछे राजनीतिक कारण है। असम,महाराष्ट्र और ओडिशा भी गैर-हिंदी वाले राज्य हैं। लेकिन ये राज्य हिन्दू काविरोध नहीं करते। वहीं पश्चिम बंगाल में हिंदी का यह विरोध ये बोलकर किया जा रहा है कि यह विद्यासागर, विवेकानंद, रबिंद्रनाथ टैगोर और नेताजी (सुभाषचंद्र बोस) की धरती है।’

 Tathagat Roy

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘इन महान लोगों और विपक्षियों के बीच हिंदी के विरोध करने को लेकर क्या संबंध है? उन्हें कौन समझाएगा कि इन हस्तियों का एक युग था जो कि अब नहीं रहा। इसी के साथ बंगाल का गौरव भी चला गया। अब बंगाली लड़के हरियाणा से केरल तक घरों में पोंछा लगाते हैं और बंगाली लड़कियां मुंबई में बार डांसर हैं।’

ट्वीट पर बंगाल में बवाल

mamta

बता दें कि गवर्नर के ट्वीट्स के बाद पश्चिम बंगाल में हंगामा मच गया। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने मेघायल के गवर्नर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिया। हालांकि तथागत रॉय ने अपने ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बतों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

हिन्दी का विरोध...

hindi

आपको बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय और त्रिभाषा फॉर्म्युले की सिफारिश की गई थी। साथ ही ड्राफ में यह भी सिफारिश की गई थी कि गैर-हिंदी भाषी राज्यों में भी अंग्रेजी और स्थानीय भाषा के अलावा हिंदी को भी अनिवार्य किया जाए। हिन्दी की अनिवार्यता की बात के बाद तमिलनाडु की पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके बाद सरकार को अपनेड्राफ्ट में बदलाव करना पड़ा। बता दें कि हिन्दी की अनिवार्यता को लेकर अभिनेता और राजनेता कमला हासन नें भी विरोध जताया था।

Published On:
Jun, 06 2019 06:59 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।