बंदरों के आतंक से परेशान लोग, कच्चे घरों के छप्पर चौपट

By: Shashikant Mishra

Published On:
Aug, 13 2019 03:11 PM IST

  • पूरे नगर के लोग परेशान

ककरहटी. ककरहटी नगर सहित आसपास के ३-४ गांवों में बंदरों ने आतंक मचा रखा है। लोगों के घरों में घुसकर सामान बिखरा देते हैं, कपड़े उठाकर ले जाते हैं। कच्चे घरों के पूरे छप्पर नष्ट कर दिए हैं। इससे बारिश का पानी उनके घरों में भरता है। बंदरों के हमले से कई बच्चे घायल भी हो चुके हैं। बंदरों के कारण लोगों को काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। आपास के किसान खेतों में सब्जियां नहीं उगा पा रहे हैं। वन विभाग के लोगों से भी बंदरों को पकड़कर जंगल में छोडऩे के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन इस ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ककरहटी नगर सहित आसपास के गांव रानीपुरा,गढ़ीपड़रिया और मखरा सहित आसपास के गांव में सैकड़ों की संख्या में बंदर हैं। यह बंदर 8-10 के समूह में कभी भी गांवों में धावा बोल देते हैं। जिनके कच्चे घरों के छप्पर से बदरों की यह टोली निकल जाती है वहां उनके पूरे घर से बारिश का पानी घर के अंदर टपकने लगता है। वंदरों ने कई बच्चों पर भी हमला किया है। जिससे बच्चे घायल हो चुके हैं। इन्हें एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने सहित अन्य दवाएं देनी पड़ी।


घरों में रखा सामान भी सुरक्षित नहीं
बंदरों का आतंक इतना है कि घरों के अन्दर रखा भी समान सुरक्षित नहीं बचता। बंदरां का समूह घरों में घुसकर खाने का समान,कपडे सहित अन्य सबिज्यां व अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं। किसानों की खेतों में लगी सब्जी की फसल तक उखाड़ देते हैं। ककरहटी व ग्रामीण अंचल के लोगों ने सीएम हेल्पलाइन मेें शिकायत कर चुके हैं। जनसुनवाई, वन विभाग और जिला प्रशासन से भी बंदरों को पकडने की मांग कई वार स्थानीय लोगों द्वारा की गई है , लेकिन अधिकारियों ने वंदरों को पकडऩे के लिये आज तक कोई कदम नहीं उठाया। ककरहटी निवासी महेश मस़्ि़़त्री,रानीपुरा निवासी श्रीराम गौतम,गढ़ीपडरिया निवासी नरेन्द्र खरे,वद्री विश्वकर्मा ने बताया, हम लोग २४ घंटे बंदरों से घरों व खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इनके कारण कोई काम नहीं कर पाते हैं। ग्रामीणों ने बंदरों को पकडऩे की व्यवस्था शीघ्र किए जाने की मांग की है।

Published On:
Aug, 13 2019 03:11 PM IST

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