चार राज्यों के वक्फ किराएदारों ने चंडीगढ़ में किया हंगामा

चंडीगढ़. वक्फ बोर्ड द्वारा वर्षों से बैठे किराएदारों की अनदेखी करते हुए उनकी जमीन की खुली बोली करवाए जाने का विरोध करते हुए शुक्रवार को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व दिल्ली के वक्फ किराएदारों ने वक्फ बोर्ड के चंडीगढ़ मुख्यालय के बाहर हंगामा किया।
चार राज्यों से आए वक्फ किराएदारों ने हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्रियों के आवास की तरफ कूच किया जिन्हें पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के प्रतिनिधियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
हरियाणा वक्फ लैंड होल्डर्स एसोसिएशन के बैनर तले चारों राज्यों के वक्फ संपत्ति किरायेदारों आज सुबह चंडीगढ़ पहुंचे। एसोसिएशन के प्रधान घनश्याम दास गोयल, आशीष आर्य, अभिषेक अग्रवाल, राकेश सचदेवा और जगजीत सिंह ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में करीब 62 लाख किरायेदार ऐसे हैैं, जो वक्फ बोर्ड की मनमानी का शिकार हैैं। गोयल के अनुसार इन संपत्तियों के किरायेदार अपनी संपत्ति पर किराये की खुली बोली लगाने का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि हर तीन साल में दान के नाम पर न्यूनतम किराया बढ़ाने की जो बरसों पुरानी परंपरा चली आ रही है, उसी के हिसाब से काम किया जाए। अब हो यह रहा कि संपत्ति पर किराया बढ़ाने की खुली बोली लगाई जाती है।
वक्फ संपत्ति के किरायेदार जैसे ही मटका चौक की ओर बढऩे लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालयों की ओर कूच कर रहे थे। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने उनके प्रतिनिधियों की हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्रियों के ओएसडी से मुलाकात करवाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी भूपेश्वर दयाल तथा पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी अंकित बंसल ने इस कानून को वापस लेने के लिए केंद्र में प्रस्ताव भेजने का भरोसा पंजाब की एसोसिएशन के प्रतिनिधि जगजीत सिंह को दिलाया है। सीएम के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि किरायेदारों का वक्फ संपत्तियों पर कब्जा बरकरार रहेगा और उन्हें प्रापर्टी खाली करने अथवा मनमाना किराया बढ़ाने के अनावश्यक नोटिस नहीं भेजे जाएंगे।
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