सीइटीपी प्लांट को अपग्रेड करने के लिए अब आया एमबीआर तकनीक का प्रस्ताव

By: Satyadev Upadhaya

Updated On:
11 Sep 2019, 06:05:05 AM IST

  • पाली. कपड़ा इकाइयों का रासायनिक पानी ट्रीट करने के लिए कौन-सी तकनीक उपयोग में ली जाए।

पाली. कपड़ा इकाइयों का रासायनिक पानी ट्रीट करने के लिए कौन-सी तकनीक उपयोग में ली जाए। इसको लेकर सीइटीपी पदाधिकारियों और उद्यमियों में लम्बे समय से मंथन चल रहा है। एमवीआर और बायॉलोजिकल के बाद अब एक और तकनीक पर विचार किया जा रहा है। एमबीआर (मेम्बरेन बायो रिएक्टर) नामक इस तकनीक का सीइटीपी ट्रस्ट को प्रस्ताव मिला है। देश के कई शहरों में इसका संचालन किया जा रहा है।

प्लांटों को अपग्रेड करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद सीइटीपी प्रबंधन कई महीनों से तकनीक पर विचार कर रहा है। इसके लिए सीइटीपी के पदाधिकारी और उद्यमी अब तक कई शहरों का भ्रमण कर चुके हैं। पिछले दिनों ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अनिल मेहता की अगुवाई में कुछ उद्यमी कोयंबटूर, होसूर और शिमोगा शहर में संचालित ट्रीटमेंट प्लांटों की तकनीक का परीक्षण करने गए थे। उद्यमी अगले एक-दो दिन में सीइटीपी फाउंडेशन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इन शहरों के टेक्सटाइल उद्योगों में भी एमबीआर तकनीक से रासायनिक पानी ट्रीट किया जा रहा है। प्लांटों के अपग्रेडेशन को लेकर सीइटीपी फाउंडेशन की 27 सितंबर को होने वाली एजीएम में संभवतया सर्वसम्मति से फैसला लिया जा सकता है। इसके लिए उद्यमियों और फाउंडेशन पदाधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है।

ऐसे काम करेगी ये तकनीक
मेंबरेन बायो रिएक्टर नामक तकनीक भी रासायनिक पानी को बिना कैमिकल ही ट्रीट करेगी। इसमें रिएक्टर से पानी और स्लज को अलग-अलग किया जाएगा। पानी अलग होकर आरओ से ट्रीट होगा।

बायोलाजिकल-एमवीआर पर भी विचार
सीइटीपी फाउंडेशन की एजीएम में एमवीआर तथा बायोलॉजिकल तकनीक के बारे में भी विचार किया जाएगा। कई उद्यमी एमवीआर को बेहतर मान रहे हैं तो कुछ उद्यमियों का रुझान बॉयोलॉजिकल की तरफ भी है। ऐसे में विशेषज्ञों से भी राय ली जा रही है।

पैसा खुद लगाएगी कंपनी, रखरखाव भी करेगी
इटली की यूरो प्रोजेक्ट और नागपुर की यूरो प्रोजीटी कंपनी ने सामूहिक रूप से सीइटीपी प्लांटों को एमबीआर तकनीक से अपग्रेड करने का प्रजोजल दिया है। कंपनी खुद ही पैसा लगाएगी और बाद में इकाइ मालिकों से प्रति केएलडी वसूल करेगी। कंपनी ने 15 साल तक के लिए प्लांट चलाने का प्रस्ताव दिया है।

Updated On:
11 Sep 2019, 06:05:05 AM IST

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