VIDEO : मेडिकल कॉलेज में पहला देहदान, मृतक के परिजन बोले : चिकित्सा विज्ञान को मिलेगा बढ़ावा

By: Suresh Hemnani

Updated On: 10 Sep 2019, 01:42:09 PM IST

  • -परिजनों मृतक का नैत्रदान कर पार्थिक शरीर को मेडिकल कॉलेज को देहदान किया
    -पाली शहर के शांतिलाल कांकरिया का बीती रात हुआ था निधन

    Body donation in medical college :

पाली। Body donation in medical college : मनुष्य शरीर ईश्वर की महान् कृति है और हम मनुष्यों ने कई बार ये चरितार्थ भी किया है कि वास्तव में हम सर्वश्रेष्ठ हैं। हम सभी पैदा होने से लेकर मृत्यु शैय्या तक सारा जीवन अपने लिए ही कुछ न कुछ करते रहते हैं। हालांकि इस शाश्वत सत्य से हम सभी परिचित भी हैं कि जीवन क्षणभंगुर है परंतु महत्वकांक्षाएं असीमित है। सो इसी कारणवंश देहदान के पवित्र संकल्प द्वारा दूसरों को जीवन देने का जज्बा विरले लोगों में ही देखने को मिलता है। इसी पुनित कार्य को पाली शहर के गुंदोचिया बास के कांकरिया परिवार ने पहल करते हुए शुरूआत की है।

पाली में कांकरिया परिवार ने की पहल
शहर के गुंदोचिया बास निवासी शांतिलाल कांकरिया [ Shantilal Kankaria ] जिनका बीती रात निधन हो गया था। इसके बाद मृतक की धर्मपत्नी पुष्पादेवी, पुत्र विशाल, पुत्री रेखा, जयमाला, चंचल व दामाद राहुल मुणोत की अनुमति से स्व: शांतिलाल के नैत्रदान [ Eye donation ] कर उनके पार्थिक शरीर को मेडिकल साइंस [ Medical science ] के लिए दान देकर चिकित्सा विज्ञान में अपना योगदान दिया। मेडिकल कॉलेज में भी यह पहला देहदान [ Dehdan ] हुआ है। परिजनों ने कहा कि वर्तमान समय में रक्तदान [ Blood donation ], नेत्रदान और उससे भी आगे बढकऱ अपने शरीर को मृत्यु के बाद मेडिकल साइंस के लिए दान देना एक बहुत ही महादान है।

ये है महान कहावतें...
‘रक्तदान महा दान’
‘नेत्रदान दानों में दान’
‘देहदान सर्वस्व दान’
‘दुनिया में आओ तो यूं आओ’
‘दुनिया से जाओ तो यूं जाओ’
‘आओ तो ले आना’
‘जाओ तो दे जाना’

Updated On:
10 Sep 2019, 01:42:08 PM IST

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