गाना सुनने के लिए नहीं पड़ेगी Head Phone की जरूरत, ब्रेन चिप से सीधे दिमाग तक पहुंचेगा संगीत, होंगे कई फायदे

Patrika 1595418521

नई दिल्ली. हेडफोन (Head Phone) की आवश्यकता हर किसी को होती है। अधिकतर लोग आसपास की आवाजों से बचने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। इसी क्रम में दुनिया की मशहूर कंपनियों में से एक टेस्ला (Tesla) ऐसी तकनीक लाने जा रही है, जिसके लिए आपको हेडफोन (Headphone) की जरूरत नहीं होगी। इस नई ब्रेन चिप (Brain chip) से गाना सीधे दिमाग तक पहुंचेगा। सबसे बड़ी बात है यह डिप्रेशन (depression) जैसी बीमारियों से भी छुटकारा दिलाएगा। टेस्ला (Tesla) के सीईओ (CEO) एलन मस्क (elon musk) की न्यूरालिंक ब्रेन इम्प्लांट (neuralink brain implant) तकनीक सफल हो जाती है तो दुनिया में हेडफोन जैसी चीजें जल्द ही खत्म हो जाएगी।

दिमाग में किया जाएगा इम्प्लांट

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक एलन मस्क (Tesla CEO elon musk) एक प्रोजेक्ट को फंड कर रहे हैं। जिसका नाम है न्यूरालिंक ( Neuralink)। इसके तहत एक ऐसा कम्प्यूटर बनाया जा रहा है, जो एक छोटे से चिप के बराबर होगा। इसे इंसान के दिमाग में इम्प्लांट (new brain chip) किया जाएगा।

डिप्रेशन से दिलाएगा छुटकारा

कम्प्यूटर के बड़े वैज्ञानिक ऑस्टिन हॉवर्ड (Austin howard) से ट्विटर पर बातचीत के दौरान मस्क ने दावा किया कि कंपनी द्वारा बनाई गई यह डिवाइस संगीत को सीधे दिमाग तक पहुंचा देगी। इस तकनीक में सबसे खास बात यह होगी कि यह डिवाइस किसी भी प्रकार की लत और डिप्रेशन से छुटकारा दिलाने में भी मददगार साबित होगी।

28 अगस्त को होगा लॉन्च

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इस डिवाइस को 28 अगस्त में लॉन्च करेगी। बताया जा रहा है कि इस चिप को एक छोटी सी सर्जरी के द्वारा इम्प्लांट किया जाएगा। एलन मस्क ने 2016 में न्यूरालिंक नामक प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। इसके तहत अत्यंत बारीक और लचीले थ्रेड्स डिजाइन किए गए हैं, जो इंसान के बाल की तुलना में दस गुना पतले हैं और इसे सीधे दिमाग में इम्प्लांट किया जा सकता है।

जानिए इसके खासियात

- यह चिप हजारों माइक्रोस्कोपिक थ्रेड से जुड़ी होगी।
- मस्क ने दावा किया कि इस ब्रेन कम्प्यूटर इंटरफेस टेक्नोलॉजी की मदद से कई तरह की न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज आसानी से किया जा सकता है।
- साथ ही यह डिवाइस लकवाग्रस्त और रीढ़ की चोट के इलाज के लिए वरदान साबित होगी।
- इस चिप को एक छोटी सी सर्जरी के द्वारा इम्प्लांट किया जाएगा।
- यह चिप कान के पीछे से कनेक्ट होगी, स्मार्टफोन पर जानकारी ले सकेंगे।


जानिए कैसे करेगा काम


- न्यूरालिंक टेक्नोलॉजी इंसानों के दिमाग में ‘अल्ट्रा थिन थ्रेड्स’ के जरिए इलेक्ट्रॉड्स इम्प्लांट करने से संबंधित है।
- ये इंसान के दिमाग की स्किन में चिप और थ्रेड्स के जरिए कनेक्टेड होंगे।
- ये चिप रिमूवेबल पॉड से लिंक्ड होंगे, जिन्हें कानों के पीछे फिट किया जाएगा और बिना तार के दूसरे डिवाइस से कनेक्ट किया जाएगा।
- इसके जरिए दिमाग के अंदर की जानकारी सीधे स्मार्टफोन या फिर कम्प्यूटर में दर्ज होगी।

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