Jet Airways Revival Plan में बड़े नाम गायब, 12 कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी

Patrika 1590777577

नई दिल्ली। भले ही जेट एयरवेज के रिवाइल प्लान ( Jet Airways Revival Plan ) के तहत 12 कंपनियों की ओर से अपनी इच्छा जाहिर की हो, लेकिन नामों में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है, जिसे देखकर लगता हो कि इस एयरलाइन को दोबारा से संचालित कर सके। उसके बाद भी 11 जुलाई को इन 12 नामों से शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। जानकारों की मानें तो जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के लिए 12 नाम सामने आए हैं। आपको बता दें कि मौजूदा समय में जेट एयरवेज की बिडिंग ( Jet Airways Bidding ) के लिए चौथा चरण चल रहा है। वहीं अगस्त तक प्लान पूरा करके देना है। पिछले साल जेट एयरवेज को बंद करना पड़ा था। जिसके बाद इसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( National Company Law Tribunal ) में भेज दिया गया था।

इन कंपनियों की ओर से दिख्खाई गई है दिलचस्पी
जेट एयरवेज में दिलचस्पी दिखाने वालों में यूके बेस्ट कंपनी कार्लरॉक कैपिटल, हैदराबाद की टर्बो एविएशन, अल्फा एयरवेज, कैनेडियन नागरिक शिव रशिया, इंपीरियल कैपिटल, भारतीय इंटरप्रेन्यरो संजय मांडाविया, यूके बेस्ड एडि ग्रुप, सिनर्जी ग्रुप और जेट एयरवेज के कर्मचारियों का एक कंसोर्शियम शामिल है। दिलचस्पी दिखाने के लिए अंतिम तारीख 28 मई आधी रात तक रखी गई थी।

जानकारी के अनुसार 11 जुलाई को इनमें से 4 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है। जेट एयरवेज के रेज्योलूशन प्रोफेशनल आशिष छावछरिया ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि सीआईआरपी पूरा करने के लिए रिवाइज्ड डेट 21 अगस्त 2020 है। अगर केंद्र सरकार या महाराष्ट्र सरकार लॉकडाउन बढती है तो बात कुछ नहीं कहा जा सकता है।

एयरलाइन पर है कुल 37 हजार करोड़ का कर्ज
जेट एयरवेज देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक थी। धीरे-धीरे इस कंपनी पर कुल 37,300 करोड़ रुपए का कर्ज है। जिसमें से 15,900 करोड़ रुपए को रेज्योलूशन प्रोफेशनल की ओर से पास कर दिया गया है। 15,900 करोड़ रुपए में एसबीआई कंसोर्टियम का रुपया भी शालि है।

Related Stories