विवि में नकल की छूट, अभी तक नहीं बनी फ्लाइंग टीम

Shankar Sharma

Publish: Apr, 27 2016 10:54:00 (IST)

Sikar, Rajasthan, India

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं मजाक बनती जा रही हैं। स्नातक की परीक्षाएं शुरू होने के 10 दिन बाद भी  विश्वविद्यालय

सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं मजाक बनती जा रही हैं। स्नातक की परीक्षाएं शुरू होने के 10 दिन बाद भी  विश्वविद्यालय में केवल उडऩ दस्ता कमेटी ही बन पाई है। ना तो उडऩ दस्ता टीमों का गठन अब तक हुआ है, ना ही यूएम कमेटी (नकल प्रकरण संबंधी समिति ) व शिकायत निवारण कमेटी अब तक बन पाई है। बावजूद, इसके परीक्षा में नकल की रोज नई शिकायतें व केस विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। 

इसलिए कमेटी जरूरी
विश्वविद्यालय एक्ट के मुताबिक परीक्षा के लिए तीनों समितियों का गठन जरूरी है। उडऩ दस्ता समिति गोपनीय शाखा में प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाओं की निगरानी  से लेकर परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी रोकने के लिए जिम्मेदार है, तो नकल प्रकरण निस्तारण समिति परीक्षा में नकल से संबंधित मामलों पर विचार कर उस पर फैसला करने के लिए जरूरी है। इसी तरह शिकायत निवारण समिति परीक्षा में किसी भी तरह की गलती या गड़बड़ी की सुनवाई करती है।

कमेटियों के गठन में कुलपति की लापरवाही सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो करीब डेढ़ महीने से कमेटियों के गठन की फाइल कुलपति के पास ही अटकी पड़ी है, जिसको लेकर रजिस्ट्रार ने राज्यपाल को भी पत्र भेजकर मार्ग दर्शन मांगा था।

नकल के चार मामले दर्ज, शिकायतें भी जारी
इधर, परीक्षा में नकल के मामले व शिकायतें लगातार जारी हैं। अब तक की परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग के चार मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं, कॉलेजों में सामूहिक नकल की शिकायतें भी विश्वविद्यालय में पहुंच रही है। एेसे में कमेटियों का गठन नहीं होना बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

उडऩ दस्ता कमेटी का गठन अब हो गया है। कमेटी जल्द उडऩ दस्ता टीम का गठन करेगी। शिकायत निवारण व नकल प्रकरण निस्तारण समिति भी गठित होगी। डा. मदनलाल पूनियां,परीक्षा नियंत्रक, शेखावाटी विवि

Web Title "University of copying exemption, yet remained Flying Team "

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