आधार पर सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार, कहा-क्यों किया अनिवार्य

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आईटी रिटर्न फाइल करने में आधार को अनिवार्य करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार का कड़ी फटकार लगाई। 

नई दिल्ली। आईटी रिटर्न फाइल करने में आधार को अनिवार्य करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र सरकार का कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि जब हम आधार कार्ड को वैकल्पिक तौर पर इस्तेमाल करने का आदेश दे चुके हैं तो इसे अनिवार्य क्यों किया गया। हालांकि, अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पुरजोर तरीके से सरकार का बचाव किया। रोहतगी ने कहा कि फंड्स ट्रांसफर करने में पैन कार्ड्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसे रोकने के लिए ही सरकार ने आधार कार्ड को अनिवार्य किया है। बता दें कि 11 अप्रैल 2015 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट सरकारी स्कीमों के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता पर रोक लगा चुकी है।


पैन कार्ड से आधार जोडऩे की वैधता तय करेगा न्यायालय
पैन कार्ड से आधार को जोडऩे के केंद्र सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता पर सर्वोच्च न्यायालय फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि वह केंद्र सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता पर विचार करेगी।

पिछले माह अनिवार्य किया था आधार
केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही आईटी रिटर्न फाइल करने, पैन कार्ड के लिए आवेदन करने और उसमें संशोधन के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया था। इसके पीछे सरकार ने तर्क दिया था कि अभी बड़ी संख्या में डुप्लीकेट पैन कार्ड का इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी की जा रही है। 

Web Title "How can you make Aadhaar mandatory when we passed order saying it’s optional: SC to Centre "