बाल तस्करी मामले का हुआ राजनीतिकरण

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 20 2017 10:57:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित जलपाईगुड़ी बाल तस्करी मामले में भाजपा की एक महिला नेता की

कोलकाता/नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित जलपाईगुड़ी बाल तस्करी मामले में भाजपा की एक महिला नेता की गिरफ्तारी के बाद खड़े हुए राजनीतिक बवाल की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दावा किया है कि प्रशासनिक नाकामी छिपाने के लिए इस प्रकरण का राजनीतिकरण किया गया। सूत्रों ने बताया कि आयोग ने इस घटना की सच्चाई पता करने के लिए एक टीम मौके पर भेजी थी। यह टीम इस नतीजे पर पहुंची है कि पूरी घटना के लिए जिला प्रशासनिक स्तर की नाकामी और लापरवाही पूर्णरूप से जिम्मेदार है। यही नहीं पूरे मामले को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया गया।


टीम को नहीं मिला सहयोग

एनसीपीसीआर ने यह भी आरोप लगाया कि दौरा करने वाली उसकी टीम को राज्य और जिला प्रशासन से सहयोग नहीं मिला। टीम में शामिल रहे एनसीपीसीआर के सदस्य प्रियंक कानूनगो के अनुसार गत तीन मार्च को आयोग की टीम राज्य के पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ, मुख्य सचिव बासुदेव बनर्जी और कुछ दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, लेकिन वे दस्तावेज आयोग को नहीं मिले।

देर से जागी सरकार

कानूनगो ने बताया कि मौके का दौरा करने और प्रशासन के लोगों से बातचीत करने के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि यह पूरा मामला प्रशासनिक नाकामी और लापरवाही की वजह से हुआ। मामले में राज्य सरकार बहुत देर से जागी।

Web Title "Politicalization of child trafficking "

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