मप्र बनेगा टाइगर स्टेट, यहां बढ़ रहा है बाघों का कुनबा

jabalpur

वर्ष 2018 में मप्र के सभी बाघों के गणना की तैयारी,मप्र को फिर से टाइगर स्टेट बनने की सम्भावना

जबलपुर। पूरी दुनिया में बाघों की आबादी के मामले में कभी प्रदेश का नाम सबसे ऊपर हुआ करता था। लेकिन अवैध शिकार के चलते ये नाम गुम हो गया। अब मप्र को फिर से 'टाइगर स्टेट' का ताज मिलने की सम्भावना है। टाइगर रिजर्व की गणना के बाद अनुमान है कि वर्ष 2018 की राष्ट्रीय बाघ गणना में मप्र फिर से अव्वल साबित हो सकता है। एेसा होने पर भविष्य में बाघों के संरक्षण में अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं से बजट मिलेगा।


 मप्र में टाइगर प्रोजेक्ट के कई गांवों की शिफ्टिंग के प्रोजेक्ट को बजट का इंतजार है। राज्य में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। टेरिटोरियल फाइट से ज्यादा जान नहीं गई, तो बाघों के लिहाज से अव्वल होने का लक्ष्य प्राप्त हो सकता है। राज्य वन अनुसंधान संस्थान के बाघ गणना प्रोजेक्ट में मप्र में टाइगर रिजर्व व सेंचुरी में 259 बाघों की पुष्टि हुई है, जबकि कई बाघिनों के साथ शावक चल रहे हैं। गणना में दो वर्ष की उम्र से अधिक के अर्धवयस्क बाघों को शामिल किया गया है।  इस प्रोजेक्ट में अब कॉरिडोर और टेरिटोरियल के जंगलों के बाघों की गणना की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रदेश भर के सभी बीट के वनरक्षकों व अधिकारियों के प्रशिक्षण व सीसीटीवी कैमरे लगाने के स्थान तलाशे जा रहे हैं, ताकि सभी बाघों को शामिल किया जा सके। 


वर्ष 2018 के बाघ गणना की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, कॉरिडोर व टेरिटोरियल में बाघ गणना के लिए ट्रैप कैमरे लगाने के बेहतर स्थान तलाशे जा रहे हैं। मप्र को फिर से टाइगर स्टेट बनने की संभावना है।
- डॉ. धर्मेन्द्र वर्मा, डायरेक्टर, एसएफआरआई 

Web Title "Tiger state make again madhya pradesh. read must wildlife news in hindi "

Rajasthan Patrika Live TV