हमलों के ख़िलाफ़ 4500 डॉक्टरों ने की छुट्टी, महाराष्ट्र की बिगड़ी 'सेहत'

New Delhi, Delhi, India

मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। एकाएक छुट्टी पर जाने से मरीज खासे परेशान हो गए हैं। वहीं सोमवार को डॉक्टरों की अवकाश का मुद्दा राज्यसभा में उठा ।

मुंबई: मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। डॉक्टरों के हड़ताल से अस्पताल की OPD और इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। सामूहिक अवकाश पर जाने वाले डॉक्‍टरों का कहना है कि वह ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते हैं जहां पर उनकी अपनी ही जान खतरे में पड़ जाए। गौरतलब है कि पिछले दिनों धुले, नासिक और सायन के सरकारी अस्‍पतालों में डॉक्‍टरों पर मरीजों के परिजनों द्वारा हमला किया गया था। इन परिजनों का आरोप था कि उनके मरीज का इलाज ठीक तरह से नहीं किया जा रहा है। 

गुस्से के बाद डॉक्टरों ने लिया फैसला

राज्‍य के सरकारी अस्‍पताल में डॉक्‍टरों के ऊपर हो रहे हमले से राज्‍य के डॉक्‍टर काफी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और काफी आक्रोश में हैं। इस फैसले के बाद मुंबई के बड़े अस्पतालों के 75 फीसद से ज्यादा रेजीडेंट डॉक्टर काम पर नहीं हैं। जिससे मरीज खासे परेशान हो रहे हैं।

राज्यसभा में गूंजा मुद्दा
 वहीं महाराष्ट्र में डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में भी गूंजा। राज्यसभा सांसद विकास महात्मे ने कहा कि जो लोग डॉक्टरों पर हमले करते हैं उन्हें सख्त सज़ा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर मरीज को जानबूझकर परेशान नहीं करता। बता दें कि बंबई हाईकोर्ट के एक आदेश के मुताबिक महाराष्ट्र के रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल का आह्वान नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि उन्होंने विरोध जताने के लिए सामूहिक अवकाश का रास्ता चुना है।

Web Title "Thousands of doctors protest against recent attacks, go on mass leave "

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