2 वर्ष या ज्यादा की सजा पाए नेताओं के चुनाव लडऩे पर लगे आजीवन प्रतिबंध : चुनाव आयोग

New Delhi, Delhi, India

 चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि उन सांसदों और विधायकों को जिन्हें दो या दो से अधिक साल की सजा दी गई है उसका चुनाव लडऩे पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए। 

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि उन सांसदों और विधायकों को जिन्हें दो या दो से अधिक साल की सजा दी गई है उसका चुनाव लडऩे पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए। सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को आजीवन चुनाव लडऩे पर रोक लगाने की मांग करनेवाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने कहा कि वो याचिकाकर्ता की सभी बातों से सहमत हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि उसने चुनावों में अपराधियों को रोकने के लिए कानून मंत्रालय को प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन वो अभी लंबित है। इसी मसले पर अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका दायर कर मांग की है कि एक साल के अंदर विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के खिलाफ आपराधिक मामलों का निपटारा हो और एक बार दोषी होने पर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने मांग की है कि ऐसे लोगों को चुनाव लडऩे, राजनीतिक दल का गठन करने और पदाधिकारी बनने पर रोक लगाई जाए। याचिका में ये भी मांग की गई है कि चुनाव आयोग, विधि आयोग और नेशनल कमीशन टू रिव्यू द वर्किंग ऑफ द कांस्टीट्यूशन की ओर से सुझाए गए महत्वपूर्ण चुनाव सुधारों को लागू करवाने का निर्देश केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को दिया जाए। याचिका में ये भी मांग की गई है कि विधायिका की सदस्यता के लिए न्यूनतम योग्यता और अधिकतम आयु सीमा तय की जाए।

वर्तमान विधानसभा चुनाव में जीते 689 विधायकों में 28 फीसदी दोगी
इस वर्ष पांच राज्यों में चुनकर आए कुल 689 विधायकों में से 28 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 16 मामले मऊ सीट से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी पर दर्ज हैं। उन पर 24 धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। वहीं दूसरे नंबर भदोही से चुने गए विजय कुमार हैं। उनपर 22 धाराओं के तहत 16 मामले दर्ज हैं। हापुड़ की ढोलाना सीट से बसपा विधायक असलम अली पर 20 धाराओं में 10 मामले दर्ज हैं। जीत दर्ज करने वाले उत्तर प्रदेश के 143 यानी 36 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक माममले हैं। पंजाब में 16 यानी 14 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड के 22 यानी 31 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में सबसे कम 2 यानी मात्र 3 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है। अगर बात गोवा की की जाए तो गोवा में 09 यानी 23 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है।

योगी के गोपाल नंदी सबसे अमीर
योगी कैबिनेट में इलाहाबाद दक्षिण से जीते नंद गोपाल नंदी सबसे अमीर मंत्री है। उनकी कुल संपत्ति 57 करोड़ रुपए है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संपत्ति 72 लाख रुपए है। इसमें उनके पास 3 लाख की पुरानी टाटा सफारी, 21 लाख की टोयोटा फॉच्र्यूनर और 12 लाख की इनोवा है। इसके अलावा उनके पास 1.80 लाख रुपये की रायफल और रिवॉल्वर भी है। यूपी विधानसभा चुनाव जीतने वाले विधायकों में भाजपा के 246 विधायक (79 फीसदी) करोड़पति हैं। सपा के 39 (85 फीसदी), बसपा के 19 में से 18 (95 फीसदी) और कांग्रेस के सात में से पांच विधायक करोड़पति हैं। बसपा के विधायकों की औसत संपत्ति अन्य पार्टियों की तुलना में सबसे ज्यादा 17.84 करोड़ रुपए हैं। इसके बाद सपा के विधायकों की औसत संपत्ति 5.84 करोड़ रुपए और भाजपा के विधायकों की 5.07 करोड़ रुपए पाई गई है। उत्तर प्रदेश के 80 फीसदी और गोवा के 100 फीसदी विधायक करोड़पति हैं। वहीं पांचों राज्यों में 8 विधायक ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति में पांच साल में दोगुने से अधिक का इजाफा हुआ है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की ओर से जारी रिपोर्ट में यह आंकड़े सामने आए हैं। 

Web Title "Election commission of India gives affidavit to ban accused of 2 years punishment MP & MLA "