पाकिस्तानी जासूस अब्बास  की रिहाई खटाई में, जेल मंत्रालय ने शुरु की जांच

Gwalior, Madhya Pradesh, India

जासूसी के गंभीर अपराध को नजरअंदाज कर उसे किस आधार पर अच्छे आचरण का बंदी माना गया। जेल के अंदर वह आतंकी सेल में बंद है।

ग्वालियर।  पाक खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के जासूस अब्बास उर्फ माजिद खां की समय पूर्व रिहाई पर जल्द ही रोक लग सकती है। जेल मंत्रालय ने उसकी सजा माफी की जांच शुरू कर दी है कि आखिर जासूसी के गंभीर अपराध को नजरअंदाज कर उसे किस आधार पर अच्छे आचरण का बंदी माना गया। जेल के अंदर वह आतंकी सेल में बंद है। 


सेल से बाहर निकलने पर भी दूसरे बंदियों से बात करने से परहेज करता है। आशंका है, जासूसी के लिए अब्बास को 11 साल पहले पाक से भेजने वाले उसके आकाओं ने हिदायत दी होगी, पकडे़ जाने पर किसी कीमत पर मुंह नहीं खोलेगा। दूसरे बंदियों से दूरी रखने पर उसके बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं कर सकेगा। इस रवैये से वह अच्छे आचरण के बंदियों में भी शुमार होगा। आशंका है, अब्बास की इसी चुप्पी को जेल प्रशासन ने अच्छा आचरण माना है, जबकि पकडे़ जाने से पहले उसका क्या रवैया था, रिपोर्ट खुफिया महकमा भेज चुका है। 


इसमें बताया गया है, अब्बास बृजविहार कॉलोनी (नई सड़क) पर बिरकू रजक के मकान में माधौसिंह बनकर किराए पर रह रहा था। क्षेत्र में अब्बास खुलकर लोगों से मिलता-जुलता था। पहचान छिपाकर वह हिंदू युवती से विवाह भी करने वाला था। उसे पकड़ा गया, तब बस्ती वाले यह मानने को तैयार नहीं थे कि वह पाक का जासूस है। 


पकडे़ जाने के बाद अब्बास ने जासूसी का जुर्म तो कुबूला, पर गुप्तचर एजेसियां उससे यह नहीं उगलवा पाईं कि कॉलोनी तक उसे लाने वाला मददगार कौन था? उसे 13 मार्च 2006 को इंटेलीजेंस ब्यूरो की टिप पर बृज विहार कॉलोनी से पकड़ा गया था। जासूस के कब्जे से एयरबेस और सेना की जानकारियां, नक्शे, फोटोग्राफ , दस्तावेज और बुलंदशहर से बना फर्जी आईडी कार्ड मिले था।


इंदरगंज थाना बना डिटेक्शन हाउस
अब्बास को 9 नवंबर को रिहा किया जा सकता हैं। आशंका पर पाकिस्तान दूतावास को इसकी जानकारी भेजी जा चुकी है। पाक एंबेसी से कोई जवाब नहीं आया है, इसलिए इंदरगंज थाने को डिटेक्शन हाउस बनाया जा रहा है। पुलिस का कहना है, अगर जासूस रिहा होता है तो जेल प्रशासन उसे पुलिस के हवाले कर देगा। जब तक पाकिस्तानी दूतावास उसे वापस मुल्क भेजने की इजाजत नहीं देगा उसे छोड़ा नहीं जा सकता। गुरुवार को इंदरगंज पुलिस ने केन्द्रीय जेल जाकर जासूस अब्बास के बारे मे जानकारियां जुटाई।

पिता: नाजिर खां, पत्नी: यास्मीन खां
पेशा: मजदूरी
निवासी: सेटेलाइट टाउन रहिमयार पाकिस्तान

Web Title " Pakistani agent mazid khan releasing might be stop "

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