रोडवेज कर्मचारियों का हंगामा, 4 हजार बसों का होगा चक्का जाम

Shribabu Gupta

Publish: Jun, 04 2017 07:21:00 (IST)

Employee Corner

रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रविवार रात 12 बजे के बाद प्रदेश भर में सभी चार हजार बसों का चक्का जाम करने का एलान कर दिया है...

चंडीगढ़। निजी बसों के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने फिर मोर्चा खोल दिया है। आठों रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए रविवार रात 12 बजे के बाद प्रदेश भर में सभी चार हजार बसों का चक्का जाम करने का एलान कर दिया है।

कर्मचारियों का कहना है कि हरियाणा में नई प्राइवेट रूट बस परिमट नीति को रद्द करने के समझौते के बावजूद सड़कों पर उतारी जा रही हैं। इस बीच सरकार ने कर्मचारी नेताओं को संदेश भेजकर बातचीत का न्योता दिया है।

आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विभाग के सभी 19 हजार 600 कर्मचारी रोडवेज को निजीकरण से बचाने के लिए एकजुट संघर्ष कर रहे हैं। आए दिन जींद, सिरसा, हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र में निजी बसों को सड़कों पर उतार कर रोडवेज कर्मचारियों को हड़ताल करने पर मजबूर किया जा रहा है।  इस दोहरी नीति के खिलाफ 5 जून को फिर से प्रदेश भर की चार हजार बसों का चक्का जाम किया जाएगा।

हरियाणा के परिवहन कर्मचारियों के सोमवार से चक्का जाम की घोषणा के बाद से सरकार व परिवहन विभाग सकते में हैं। जल्दबाजी में रविवार को सरकारी अवकाश के बावजूद कर्मचारी नेताओं को बातचीत के संदेश भेजे गए हैं। आज शाम 5 बजे उनसे मीटिंग चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में होने की संभावना है।  मीटिंग कौन लेगा, इसकी जानकारी अभी तक सभी कर्मचारी नेताओं को नहीं दी गई है। कर्मचारी नेता बलवान सिंह ने बातचीत का संदेश मिलने की पुष्टि की है। वहीं, झज्जर व फतेहाबाद में कर्मचारी अभी से बसों का चक्का जाम कर सड़कों पर उतर आए हैं। इसके कारण यात्री परेशान हैं।

शनिवार को भी कुरुक्षेत्र, अंबाला और जींद के कई डिपुओं में निजी बसों के संचालन के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का चक्का रखा। हरियाणा रोडवेज बचाओ सयुंक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

आठों यूनियनों के प्रतिनिधियों दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, इंद्र बधाना, बाबू लाल यादव, अनूप सहरावत, आजाद मलिक, बलराज देशवाल, रमेश सैनी, सरबत पूनिया, आजाद गिल, सांवत सिंह व महाबीर मलिक ने कहा कि समझौते के बावजूद सरकार रोडवेज का निजीकरण करने पर उतारू है। कोर्ट का सहारा लेकर सरकार प्राइवेट बस मालिकों का संरक्षण कर रही है, जबकि अधिकारियों को निशाने पर लेने का नाटक रचा जा रहा है। सोमवार से पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर दिया जाएगा।

Web Title "Roadways employee protest against haryana government "

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