महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर न करें

Shankar Sharma

Publish: Apr, 21 2017 01:08:00 (IST)

New Delhi, Delhi, India

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देशभर के स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बच्चों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करें

नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देशभर के स्कूलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बच्चों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करें।

सीबीएसई ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि जो स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को किताबें, यूनिफॉर्म, शूज और स्टेशनरी बेचते हुए पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कक्षा 12 की फिजिकल एजुकेशन की किताब में महिलाओं के गलत चित्रण पर एक निजी प्रकाशक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

बोर्ड ने यह सलाह अभिभावकों और अन्य पक्षों से मिली शिकायत पर जारी की है। इन शिकायतों में कहा गया है कि स्कूलों परिसर चुङ्क्षनदा विक्रेताओं के जरिए किताबें और बच्चों की ड्रेस की बिक्री कर कारोबारी गतिविधियों में लिप्त है।

एनसीईआरटी की किताबें अपनाने पर जोर
बोर्ड ने स्कूलों को उस निर्देश का भी संज्ञान दिलाया है जिसमें केवल एनसीईआरटी की प्रकाशित पुस्तकों को ही पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। बोर्ड को यह शिकायत मिल रही थी कुछ स्कूल विद्यार्थियों पर एनसीईआरटी टेक्स्ट बुक्स के अलावा अन्य किताबों को  खरीदने का दबाव डाल रहे हैं।

स्कूल सामुदायिक सेवा है कारोबार नहीं
बोर्ड ने कहा कि शर्तों के अनुसार स्कूल सामुदायिक सेवा है और यह कारोबार नहीं है। इसलिए किसी भी रूप में स्कूल में कारोबारी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए।

कुछ स्कूलों की मान्यता भी रद्द की
सीबीएसई ने मानदंडों का उल्लंघन करने वाले ऐसे स्कूलों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। वहीं बोर्ड ने यूपी के कुछ स्कूलों में मानदंडों का उल्लंघन पाए जाने के बाद उनकी मान्यता भी रद्द कर दी है। गौरतलब है कि सीबीएसई पूरे देश में 18000 से अधिक स्कूलों को संबद्धता प्रदान करता है।

Web Title "Do not force expensive books to buy "

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