फिर चल सकता है बीसीसीआई पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा

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सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बोर्ड के कामकाज पर नजर रखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) अपनी अगली स्टेट्स रिपोर्ट देने जा रही है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद लोढा कमेटी की सिफारिशों के उल्लंघन से बाज नहीं आ रहे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के बचे-खुचे पदाधिकारियों पर एक बार फिर डंडा चल सकता है। दो दिन पहले हुई बीसीसीआई की विशेष आम बैठक (एसजीएम) में अयोग्य घोषित हो चुके लोगों को राज्य संघों के प्रतिनिधि के तौर पर आमंत्रित करना उन्हें भारी पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बोर्ड के कामकाज पर नजर रखने के लिए बनाई गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने बीसीसीआई पदाधिकारियों के इस कारनामे को अपनी अगली स्टेट्स रिपोर्ट में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की जाएगी।

वर्मा भी डालेंगे गले में फंदा
बीसीसीआई में पूरे फेरबदल के पीछे सुप्रीम कोर्ट जाकर अहम भूमिका निभाने वाले बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष आदित्य वर्मा ने भी इस मामले में नई तैयारी शुरू कर दी है। आदित्य वर्मा ने मंगलवार की एसजीएम को लेकर बीसीसीआई पदाधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल कंटेंप्ट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने की बात कही है। बता दें कि इस बैठक में बिहार क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करने गए पदाधिकारी को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया था।

कई अयोग्य लोग थे बैठक में मौजूद
अंग्रेजी अखबार 'डीएनए' की खबर के अनुसार, एसजीएम में बीसीसीआई के तीन योग्य घोषित किए गए पदाधिकारियों सीके खन्ना, अमिताभ चौधरी और अनिरुद्ध चैधरी ने सुप्रीम कोर्ट के लोढा कमेटी की सिफारिशों को मानने को लेकर दिए गए निर्णय की पूरी तरह से अनदेखी की और कई अयोग्य लोगों को प्रवेश दे दिया। साथ ही बैठक में जिस मुद्दे पर चर्चा की गई, वो एसजीएम के एजेंडा में भी शामिल नहीं था।

खबर के अनुसार, नागालैंड राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि अहिदुर रहमान ने एसजीएम में झारखंड से राजेश वर्मा उर्फ बॉबी और ओडिशा क्रिकेट संघ से आसीर्बाद बेहरा के होने की पुष्टि की है, जबकि ये दोनों ही अपने-अपने राज्य संघ में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अयोग्य थे।

बीसीसीआई सदस्य चाहते हैं अपना अलग वकील
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद सभी लोगों ने आपस में चर्चा के बाद तय किया कि सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष रखने के लिए अलग से वकील नियुक्त किया जाए। यह तय किया गया कि वकील नियुक्त करने के लिए सीओए के सदस्यों से कहा जाएगा। बता दें कि यही मांग बीसीसीआई पदाधिकारियों ने 5 अप्रैल को हैदराबाद में आईपीएल-10 के उद्घाटन समारोह में भी सीओए के अध्यक्ष विनोद राय व सदस्य विक्रम लिमये के सामने भी रखी थी।

हालांकि तब विनोद राय ने यह कह दिया था कि यदि किसी मुद्दे पर बीसीसीआई व सीओए के विचार अलग-अलग हैं तो बीसीसीआई पदाधिकारी अपने विचार लिखित में सीओए को सौंप दे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश कर दिया जाएगा। भले ही सीओए अभी तक बीसीसीआई पदाधिकारियों की मांग को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा हो, लेकिन यदि ऐसा हुआ तो दो अलग-अलग वकील सुप्रीम कोर्ट में अपने-अपने क्लाइंट का पक्ष रखते नजर आ सकते हैं।

अमिताभ के साथ अनिरुद्ध भी जाएंगे आईसीसी बैठक में
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अमिताभ चौधरी और बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी का नाम आईसीसी बैठक के लिए तय कर दिए जाने के 24 घंटे के अंदर ही इस निर्णय को भी ठेंगा दिखा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अब अनिरुद्ध चौधरी भी अमिताभ की मदद करने के नाम पर दुबई जाएंगे, जिसके लिए उन्हें प्रतिदिन 750 डॉलर का खर्च दिया जाएगा।

Web Title "Supreme Court Can Be Ruled Out BCCI Officials Again "

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