मां को फर्श साफ करते परेशान देख बच्चे ने बनाया सफाई रोबोट

Anil Jangid

Publish: Jan, 09 2017 10:58:00 (IST)

Computer

बच्चे ने रोबोट इसलिए बनाया ताकी मां को रोज-रोज के कठिन परिश्रम से छुटकारा मिल सके

अहमदाबाद। जब छोटे से एक बच्चे ने अपनी मां को मेहनत से अपने घर का फर्श साफ करते देखा, तो वह ऐसा तरीका इजाद करने के बारे में सोचने लगा जिससे आसानी के साथ फर्श की सफाई की जा सके और रोज- रोज के कठिन परिश्रम से छुटकारा मिल सके। अब उसने ऐसा सफाई रोबोट बनाया है जो सही तरीके से फर्श की धूल साफ करता है और कहीं कोई गंदगी नहीं छोड़ता है।

केरल के कोच्चि में रहने वाले आठ वर्षीय सारंग सुमेश ने इसकी इजाद तब की जब वह मुश्किल से पांच वर्ष का था और स्कूल जाना शुरू ही किया था। उसने राजीव सर्किल फैलोशिप प्राप्त किया और इस तरह उसे पिछले साल सिलिकन वैली जाने का अवसर मिला और रोबोटिक्स में निर्माता का उपनाम दिया गया।

सफाई रोबोट अहमदाबाद में मेकर फेस्ट के 2016 के संस्करण में आकर्षण का मुख्य केन्द्र था। मेकर फेयर युवा आविष्कारकों और स्टार्टअप्स के लिए अमेरिका आधारित सीरियल ऐंजल इन्वेस्टर, उद्यमी और भारत में आईटी स्टार्टअप की समर्थक आशा जडेजा मोटवानी ने 2013 में भारत में शुरू किया था।

सुमेश की उपलब्धियों की सूची अविश्वसनीय है। वह चीन के शेन्जेना में फैब 12 सम्मेलन (फैबलैब, एमआईटी बोस्टन) में दुनिया भर के वैज्ञानिकों और निमार्ताओं में सबसे कम उम्र का वक्ता था। उसने कैलिफोर्निया में दुनिया के सबसे बड़े मेकर्स फेयर में सबसे कम उम्र के मेकर के रूप में भाग लिया।

कोच्चि में च्वाइस स्कूल के तृतीय कक्षा के छात्र, सुमेश ने अब एक स्मार्ट सीट बेल्ट का विकास किया है, जो दुर्घटना स्थितियों को समझकर उसके अनुसार प्रतिक्रिया कर सकता है। यह बुजुर्ग लोगों और छोटे बच्चों के लिए विशेष सुरक्षा प्रदान करता है।

यहां चल रहे तीन दिवसीय मेकर फेयर के चौथे संस्करण में सुमेश इस डिवाइस को प्रदर्शित करेगा। यह उपकरण दुर्घटना होते समय महसूस कर सकता है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। यह आग या पानी को भी महसूस कर सकता है और तुरंत सीट बेल्ट को खोल सकता है। यदि वाहन उलट जाए तो भी यह समझ सकता है और धीरे-धीरे सीट बेल्ट को खोल सकता है।

तीन साल की उम्र से ही इंटरनल कंबस्शन इंजन मॉडल एलईजीओ एन$ टी रोबोट जैसी जटिल मशीनों का निर्माण शुरू कर देने वाले सुमेश ने कहा कि मैंने इस उपकरण का आविष्कार तब किया जब मैंने अपने पिता और माता को स्कूल बस में सामान्य सीट बेल्ट की समस्याओं के बारे में बात करते सुना, जो दुर्घटना होने के बाद आसानी से नहीं निकलता है और जिसके कारण बच्चों को अत्यधिक खतरा होता है। मैं स्कूल बसों में छोटे बच्चों के लिए इसे बनाना चाहता था।

इसकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि टक्कर का ऐक्सेलरोमीटर) के द्वारा पता लगाया जा सकता है। हालांकि दुर्घटना होते समय यह सीट बेल्ट नहीं खुलेगी लेकिन यात्रियों की सुरक्षा प्रदान करेगी, क्योंकि कंपन के बाद वाहन रुक जाएगा, कुछ सेकेंड इंतजार करेगा और फिर सीट बेल्ट खुलेगी।

उन्होंने कहा कि डिवाइस में मौजूद वाटर और फायर सेंसर पानी और आग का पता लगा सकते हैं और इनका पता चल जाने पर, सीट बेल्ट अपने-आप खुल जाएगी। दुर्घटना हुए बिना भी आग लग सकता है। ऐसे मामले में, डिवाइस में फायर अलार्म को चालक देख सकता है और वह अपने वाहन को पार्क कर लोगों को बचा सकता है।

उन्होंने कहा, ''कई बार, दुर्घटना होने पर बस औंधी स्थिति में झुक सकती है और उसके पहिये ऊपर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में, सीट बेल्ट तुरंत नहीं खुलेगी, लेकिन इससे जुड़ी मोटर घूमने लगेगी और इसे धीरे-धीरे खोलने लगेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सीट बेल्ट के तुरंत खुल जाने पर बच्चे नीचे गिर सकते हैं और उनकी गर्दन या सिर को नुकसान पहुंच सकता है। बस में हुए झुकाव का टिल्ट सेंसर से पता चलता है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ इतना ही नहीं। सभी मामलों में, अलार्म भी बजता है ताकि लोग आकर मदद कर सकें। फंसे यात्रियों की मदद करने के लिए पुलिस और फायर स्टेशन भी संदेश भेजा जाएगा। सेंसर, बस के विभिन्न भागों में रखे जाते हैं और ये तार के बगैर ही आपस में जुड़े होते हैं।

सुमेश प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से काफी प्रभावित है। उन्होंने अधिक बड़ा और मजबूत आर्डुइनो आधारित रोबोट का निर्माण करने की योजना बनाई है। इस रोबोट को ब्रश रहित मोटर का इस्तेमाल कर वैक्यूम क्लीनर के साथ जोड़ा जाएगा।

सुमेश को अपने इंजीनियर पिता से रोबोटिक्स की प्रेरणा मिली। सुमेश ने नेत्रहीन लोगों के लिए एक वॉकिंग स्टिक भी बनाई है। इसके अलावा उसने रोबोटिक हाथ, तिपहिया, लेगो कैलकुलेटर, डिजिटल घड़ी, हैंड स्पीड गेम और ह्यूमनॉयड रोबोट भी बनाया है जो गोली छोड़ सकता है।

Web Title "Saarang Sumesh makes cleaning robot "

Rajasthan Patrika Live TV