मौत को आमंत्रित करते बिजली के खुले जंक्शन बॉक्स!

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 20 2017 10:00:00 (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India

महानगर में बिजली विभाग जिसमें कार्यरत भारी-भरकम अमला, जिसका काम है आमजन की  समस्याओं का

चेन्नई।महानगर में बिजली विभाग जिसमें कार्यरत भारी-भरकम अमला, जिसका काम है आमजन की  समस्याओं का समाधान करना एवं महानगर में लाइनों की तारबंदी एवं जंक्शन बॉक्स आदि की समय पर देखभाल करना ताकि किसी को नुकसान न पहुंंचे। बड़ी संख्या में लगे अमले के बावजूद महानगर में सैकड़ों ट्रांसफॉर्मर एवं उनके पोलों की हालत ऐसी है कि वे कभी भी किसी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

दूसरी ओर शहर की कॉलोनियों में लगे जंक्शन बॉक्स जो वर्षों पहले लगाए गए थे, और अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं, उनके तार बाहर बिखरे हुए पड़े हैं की मरम्मत कभी नहीं होती। इसलिए वे उनके पास से गुजरने वालों को मौत का आमंत्रण देते नजर आते हैं। न तो वे बॉक्स बदलते हैं और न ही उनमें से निकले तारों को जोड़ा जाता है। इससे बिजली विभाग एवं उसके कर्मचारियों की लापरवाही साफ दिखाई देती है। पिछले साल 12 दिसम्बर को चेन्नई, तिरुवल्लूर एवं कांचीपुरम में आए वर्धा तूफान के कहर से इन तीनों जिलों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। तूफान से हजारों खंभे गिर गए या झुक गए तो ट्रांसफार्मर गिरकर खराब हो गए, शहर के चौराहों पर लगे सिग्नल्स तो ऐसे खराब हुए कि आज तक पूरी तरह सही नहीं हो पाए।

इतना ही नहीं कई इलाकों में पहले से खुले पड़े जंक्शन बॉक्स की वजह से आग लग गई। इसी प्रकार कई इलाकों में बिजली के खंभे गिरने एवं तार टूटने के कारण निवासियों को कई दिन तक अंधेरे में दिन बिताने पड़े। यही नहीं कुछ  इलाकों में तो लोगों को दो-तीन सप्ताह तक भी अंधेरे एवं गर्मी  में दिन बिताने पड़े। हालांकि बिजली विभाग के कर्मियों ने मेहनत करते हुए सभी इलाकों में ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे बदल दिए और बिजली चालू भी कर दी। इसके बावजूद महानगर के कई  उपनगरों और औद्योगिक इलाकों में बिजली के खंभे अभी भी जीर्ण-शीर्ण हालात में खड़े मौत को आमंत्रित करते नजर आते हैं। कई इलाकों में तो सड़क किनारे लगे जंक्शन बॉक्स अभी भी खुले पड़े हैं और हादसे की आश्ंाका जताते नजर आते  हैं।

जर्जरित पोल बदले जाएं

&सैकड़ों पोल जर्जरित हालत में हैं जिनकी हालत बेहद खतरनाक है जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। ऐसे पोल्स को सरकार और बिजली विभाग को इस बदलने की योजना बनानी चाहिए।कुंदन मिश्रा, नौकरीपेशा, पूझल

ढीले तार नहीं बदलते

&अम्बत्तूर इंडस्ट्रियल एस्टेट में दर्जनों बिजली के खंभे ऐसे हैं जो या तो झुके हुए हैं या उनके तार ढीले पड़े हैं और गल चुके हैं। इस हालत के बावजूद विद्युत विभाग की नजर उनको बदलने की ओर नहीं जाती। गनीमत यह रही कि वर्धा तूफान में ये खंभे केवल झुककर ही रह गए गिरे नहीं।अखिल कुमार, सेल्समैन, रायपुरम

खुले पड़े हैं जंक्शन बॉक्स

&बिजली के जंक्शन बॉक्स खुले होने के कारण यहां  कई बार शार्ट-शर्किट से आग लग चुकी है। इसके बावजूद इनको बदला नहीं गया। जमालिया बस स्टॉप के सामने दो जंक्शन बॉक्स लगभग सालभर से खुले पड़े हैं, उन पर कचरा जमा हो गया है जिसमें यदि कभी किसी ने माचिस की तिल्ली डाल दी या शॉर्ट सर्किट हो गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
राजेश यादव, चेटपेट

लापरवाह हैं विद्युतकर्मी

&यह बात बिजली विभाग के कर्मचारी जानते हैं कि महानगर में सैकड़ों स्थानों पर जंक्शन बॉक्स खुले पड़े हैं लेकिन वे लापरवाही के चलते बदलना नहीं चाहते। कीलपॉक में यूको बैंक के पास बिजली का जंक्शन बॉक्स पूरी तरह खुला पड़ा है और उसमें कई बार शॉट-शर्किट होने से आग भी लग चुकी है कि इन कर्मचारियों ने उसे अनदेखा कर रखा है जिससे वह अभी तक नहीं बदला गया। बबलू अधिकारी, बैंककर्मी, कीलपॉक

जर्जरित पोल गिरने का भय


पूझल में गांधी मेन रोड पर स्थित ट्रांसफार्मर पिछले 10 साल से भी अधिक समय से जर्जरित अवस्था में है। आवासीय इलाके में लगे इस ट्रांसफार्मर की हालत वर्धा तूफान से और खराब हो गई लेकिन इसे अभी तक नहीं बदला गया। स्थानीय लोगों ने कई बार इस ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग बिजली विभाग से की है, लेकिन विभाग की नजर अभी तक इस ओर गई ही नहीं, वह पूरी तरह इसके प्रति उदासीन बना हुआ है।

खोखले सरकारी दावे


दीगर बात यह है कि राज्य सरकार और बिजली विभाग ने 2015 से 2016 के बीच सालभर में महानगर के शहरी क्षेत्रों में बिजली के खंभों को सीमेंट के खंभों में बदलने का लक्ष्य रखा था। इस योजना पर काम भी शुरू हो गया था लेकिन 2017 तक भी उपनगरों में खंभारहित ट्रांसफार्मर लगाए नहीं गए और योजना ने बीच में ही दम तोड़ दिया।

मंडल

Web Title "Electricity open junction box invites death! "

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