केबल नेटवर्किंग के लिए बनेगा नया कानून

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 21 2017 05:36:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India

केबल ऑपरेटर्स द्वारा निर्धारित से अधिक शुल्क वसूली का आरोप लगाते हुए विधान परिषद में सोमवार को जनता

बेंगलूरु।केबल ऑपरेटर्स द्वारा निर्धारित से अधिक शुल्क वसूली का आरोप लगाते हुए विधान परिषद में सोमवार को जनता दल (ध) के सदस्य ने बकायदा प्रस्ताव रखा। जिस पर सदन के नेता गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि जल्द ही केबल नेटवर्किंग की खातिर नया कानून बनाया जाएगा।

सदन में नियम 72 के तहत बहस में जनता दल (ध) के सदस्य पुट्टण्णा ने इस संदर्भ में प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्य के कई शहरों से शिकायतें मिल रही हैं कि केबल ऑपरेटर्स तय शुल्क से अधिक वसूली कर रहे हैं। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए केबल ऑपरेटर्स पर अंकुश लगाएंगे।  गृहमंत्री ने कहा कि केबल टेलीविजन नेटवर्क एक्ट 1994-95 के तहत केबल ऑपरेटर्स उपभोक्ताओं से मासिक 130 रुपए से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकते। केबल नेटवर्क के शुल्क निर्धारण का अधिकार केंद्र सरकार को है। राज्य में केबल नेटवर्क अब एक बहुत बड़ा कारोबार बन गया है, जिसमें वार्षिक 4 से पांच हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर हो रहा है। इतना टर्नओवर होने के बावजूद इस क्षेत्र से राज्य सरकार को एक पैसे की भी आय नहीं हो रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि केबल नेटवर्क ऑपरेटर्स पर निगरानी को हर जिले में जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है।  उपभोक्ता इस समिति से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा सूचना विभाग के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ऐसी शिकायतों का निपटारा करती है। केबल ऑपरेटिंग सेक्टर में समाजकंटकों का आधिपत्य है, जो उपभोक्ताओं की किसी शिकायत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस मामले को लेकर सदन में चली बहस में सदस्य वी.एस. उग्रप्पा, जयमाला रामचंद्र, रमेश बाबू, रामचंद्रगौड़ा, एच.एम. रेवण्णा तथा महंतेश कवटगीमठ ने केबल माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।  

Web Title "New law will be made for cable networking "

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