वनवासियों को पौष्टिक आहार देने का विशेष अभियान चलाएगी सरकार

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 21 2017 05:32:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India

मैसूर, चामराज नगर, हासन, शिवमोग्गा, चिक्कमगलूरु, कोडुगू जिलों के वन क्षेत्रों के वनवासियों को पौष्टिक

बेंगलूरु।मैसूर, चामराज नगर, हासन, शिवमोग्गा, चिक्कमगलूरु, कोडुगू जिलों के वन क्षेत्रों के वनवासियों को पौष्टिक आहार की आपूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। समाज कल्याण मंत्री एच. आंजनेया ने यह जानकारी दी। विधान परिषद में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस की सदस्य मोटम्मा के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि चिक्कमगलूरु जिले में छह वनवासी समुदायों में से दो को पौष्टिक आहार सामग्री का वितरण किया जा रहा है। मोटम्मा ने पूछा कि चिक्कमगलूरु जिले के वास्तविक वनवासियों को इस योजना में अभी तक शामिल क्यों नहीं किया गया? मंत्री को इस बात का स्पष्टीकरण देना होगा।

उन्होंने कहा कि योजना का लाभ वास्तविक वनवासियों के बदले जिले में मेंगलूरु से आकर बसे दो वनवासी समुदाय ही इस योजना का लाभ ले रहें है जबकि जिले के वनवासियों को इस योजना की जानकारी तक नहीं है। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि प्रशासन को चिक्कमगलूर जिले के चार वनवासी समुदायों को योजना में शामिल करने के निर्देश देंगे। चिक्कमगलूरु जिले की 6 तहसीलों में वनवासी परिवारों की संख्या 8,825 है।

भिखारी माफिया पर अंकुश लगाया जाए

कांग्रेस की सदस्य डॉ. जयमाला रामचंद्रा की सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि चौराहों तथा धार्मिक स्थानों के पास छोटे बच्चों को लेकर भीख मांगने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इस पर जयमाला ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। जिसमें छोटे बच्चों को किराए पर लाकर महिलाओं से भीख मंगवाई जा रही है। इस पर रोक लगनी चाहिए। ऐसे अनेक टै्रफिक सिग्नल हैं, जहां वाहन रुकते ही छोटे बच्चों को लेकर महिलाएं वाहन चालकों से भीख मांगती नजर आती है। ऐसे लोगों को रोजगार के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण देकर महिलाओं को भीख मांगने के इस जाल से मुक्ति दिलाई जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि भीख मांगना कानूनन अपराध है। ऐसे लोगों के खिलाफ कर्नाटक भीख प्रतिबंधक कानून 1975 के तहत कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 14 पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं और 6 जल्दी ही केंद्र और स्थापित किए जाएंगे।

आवासीय स्कूलों की गुणवत्ता पर सवाल

विभाग की ओर से अजा-जजा समुदाय के विद्यार्थियों के लिए संचालित मोरारजी देसाई तथा कित्तूर रानी चेन्नम्मा आवासीय स्कूलों के खस्ताहाल पर सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि समाज कल्याण विभागअगर स्कूलों का संचालन करने में सक्षम नहीं है तो इन्हें सार्वजनिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया जाए।  कांग्रेस के प्रताप चंद्र शेट्टी के सवाल के जवाब में  कहा कि आवासीय स्कूलों में प्राचार्य तथा अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र ही नियुक्ति की जाएंगी।    मंत्री ने कहा कि कुंदापुर तहसील के कोटेश्वर गांव के निकट स्थित मोरारजी देसाई आवासीय स्कूल के मंजूर 25 में से रिक्त 18 पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। भाजपा के अरुण शाहपुर ने आवासीय स्कूलों के संचालन का दायित्व सार्वजनिक शिक्षा विभाग को सौंपने की मांग की जिसका सदन के कई सदस्यों ने समर्थन किया। मंत्री ने सदन को सुझाव के अध्ययन का आश्वासन दिया।

Web Title "Government to launch special campaign to provide nutritional food to forest dwellers "

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