आर्थिक विकास के सभी मोर्चों पर सरकार विफल: शेट्टर

Mukesh Sharma

Publish: Mar, 21 2017 05:35:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India

विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आर्थिक विकास

बेंगलूरु।विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आर्थिक विकास दर घट गई है।विधानसभा में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट पर बहस की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने कहा कि राज्य में सूखे के हालात के बावजूद राज्य सरकार किसानों का सहकारी बैंकों से लिया कर्ज माफ करने में विफल रही है।

मंड्या जिले में दो किसानों ने आत्महत्या की हैं। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष में 37 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लने के लिए सरकार को जमकर कोसा।मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि सरकार ने वित्तीय जिम्मेदारी अधिनियम के तहत तय किए गए मानदंडों की सीमा में कर्ज लेने का निर्णय किया है और यह केवल विकास कार्य व पूंजीगत संपत्तियों के सृजन के मकसद से ही लिया जाएगा। राज्य सरकार इसलिए ऋण ले रही है क्योंकि  बाजार में धन उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा तीन फीसदी से कम रखा गया है और राज्य का उधार जीएसडीपी की अधिकतम सीमा 25 फीसदी की तुलना में 18.93 प्रतिशत है। इसके अलावा राज्य के पास राजस्व अधिशेेष भी है।

शेट्टर ने कहा कि कर्नाटक में उद्योग व सेवा क्षेत्र पिछले कई साल से स्थाई रूप से बढ़ रहा था। दोनों क्षेत्रों में विकास दर घटकर क्रमश: 2.2 फीसदी तथा 8.5 फीसदी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जब सिद्धरामय्या ने सत्ता की बागडोर संभाली थी तो औद्योगिक विकास दर 8.2 फीसदी तथा  सेवा क्षेत्र की विकास दर 11 फीसदी थी। इसी तरह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद दर में भी गिरावट आई है। नोटबंदी के बावजूद जहां राष्ट्रीय स्तर पर जीडीपी की विकास दर इस वित्तीय वर्ष में 7.1 फीसदी है, वहीं राज्य की जीडीपी दर जो पहले 10.5 फीसदी थी, अब घटकर 6.9 फीसदी रह गई है।

शेट्टर ने कहा कि सीएम ने नोटबंदी के कारण राज्य को 8-9 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया लेकिन बजट में इसके बारे में कोई उल्लेख तक नहीं किया गया। केवल रीयल एस्टेट जैसे क्षेत्रों पर नोटबंदी का थोड़ा असर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.86 लाख करोड़ रुपए का बजट घोषित किया है पर क्या सरकार के पास किसानों का आधा सहकारी ऋण माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपए नहीं हैं। इस बात को लेकर कांग्रेस और भाजपा सदस्यों में कहासुनी हुई और आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए।

नोटबंदी का राजनीतिकरण कर रही कांग्रेस

बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा नोटबंदी का जिक्र करने पर भारतीय जनता पार्टी की त्यौरियां चढ़ गई हैं। विपक्षी दल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि नोटबंदी का राजनीतिकरण किया जा रहा है।

विधानसभा में सोमवार को बजट पर बहस की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने कहा कि देश के गरीब वर्ग के लोगों ने नोटबंदी के के निर्णय का समर्थन किया है। फिर यहां राजनीतिक फायदे के लिए नोटबंदी के निर्णय की आलोचना क्यों की जा रही है। आम जनता ने नोटबंदी के कदम को सराहा है।

सत्तापक्ष का पलटवार

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए सत्तापक्ष से उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने केवल यही कहा है कि केंद्र सरकार ने ऐसा नाटकीय कदम उठाने से पहले जरूरी तैयारी नहीं की, जिसकी वजह से जनजीवन पर असर पड़ा। विस अध्यक्ष के.बी. कोलिवाड ने भी रायरेड्डी की दलील का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार ने केवल पर्याप्त तैयारी न करने की ही आलोचना की है। इस पर शेट्टर ने स्वीकार किया कि लोगों को अस्थाई तौर पर थोड़ी परेशानियां हुईं, लेकिन नोटबंदी ने देश की मदद ही की है और  कांग्रेस के झूठे दावों के विपरीत देश के विकास व अर्थव्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।

 गौरतलब है कि वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने नोटबंदी से पहले तैयारिया न करने के कारण लोगों को भारी असुविधाएं होने का दावा करते हुए इसकी आलोचना की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोटबंदी की वजह से सहकारिता के क्षेत्र का कामकाज ठप हो गया, जिसकी वजह से कृषक वर्ग को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा।

Web Title "Government fails on all fronts of economic development: Shettar "

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