समय से पहले विस चुनाव नहीं: गुंडूराव

Mukesh Sharma

Publish: Apr, 20 2017 01:01:00 (IST)

Bangalore, Karnataka, India

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में समय से

बेंगलूरु।कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने की बातें महज अफवाह हैं। राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और समय पूर्व विस चुनाव कराने का पार्टी के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं है। अगला विस चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा।


वे केपीसीसी के कार्र्यालय में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री एस.एम.कृष्णा के नाती डॉ.निरंतर गणेश सहित 35 चिकित्सकों के दल को कार्यकर्ता के तौर पर कांग्रेस में शामिल करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विस चुनाव मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, केपीसीसी के अध्यक्ष जी.परमेश्वर सहित अन्य नेताओं के सामुहिक नेतृत्व में लड़े जाएंगे। कांग्रेस पार्टी दोबारा सत्ता में आएगी। सरकार की उपलब्धियों के बल पर जनता से समर्थन मांगा जाएगा। गुंडूराव ने कहा कि डॉ.निरंतर का कांग्रेस में शामिल होना एक संयोग है।

 एस.एम.कृष्णा के कांग्रेस छोडऩेव गणेश के पार्टी में शामिल होने का आपस में कोई संबंध नहीं है। पार्टी में शामिल होने के मसले पर डॉ.गणेश पिछले दो साल से उनके साथ निरंतर संपर्क में थे और अब पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस में बड़ी संख्या में चिकित्सक शामिल हुए इसका अर्थ यह नहीं कि समझा जाए कि पार्टी को इलाज की जरूरत है। चिकित्सकों का ध्यान कांग्रेस की तरफ आकर्षित हुआ है, यह महत्वपूर्ण है।

उमा भारती इस्तीफा दें


गुंडूराव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने बाबरी मस्जिद विध्वंस प्रकरण में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती सहित 13 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दायर करने की अनुमति दी है, लिहाजा उमा भारती को तत्काल मंत्री पद से त्यागपत्र देना चाहिए या पीएम नरेंद्र मोदी को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए गुंडूराव ने कहा कि कोर्ट ने प्रकरण के सच-झूठ पर चिंतन करने के बाद ही यह निर्णय किया है। बाबरी मस्जिद को ढहाया नहीं जाना चाहिए था।

पद की लालसा नहीं

डॉ. गणेश ने कहा कि वे बिना किसी पद की लालसा के साथ पार्टी में शामिल हुए हैं। सिद्धरामय्या की सरकार के काम से वे प्रभावित हुए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि  वे किसी भी विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का टिकट नहीं मांगेंगे। फिर भी यदि चुनाव लडऩे के लिए कहा जाता है तो वे तैयार हैं। पार्टी व जनता की सेवा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। वे नि:शुल्क इलाज कर जनता की सेवा कर रहे हैं। यह क्रम उनका आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने को लेकर उन्होंने एस.एम.कृष्णा से सलाह नहीं ली है। कांग्रेस छोडऩा कृष्णा का व्यक्तिगत निर्णय है और मेरा कांग्रेस में शामिल होना निजी फैसला है। पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों ने उन्हें आकर्षित किया है।

Rajasthan Patrika Live TV