भ्रष्टाचार का तोड़ी हद, टेनिस कोर्ट के ऊपर तान दिया बॉस्केटबॉल कोर्ट

By: Subodh Kumar Tripathi

Updated On:
24 Aug 2019, 01:02:15 PM IST

  • भ्रष्टाचार का तोड़ी हद, टेनिस कोर्ट के ऊपर तान दिया बॉस्केटबॉल कोर्ट

नीमच. स्वामी विवेकांनद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में टेनिस कोर्ट के ऊपर बॉस्केटबॉल कोर्ट का निर्माण बिना खुदाई एवं मुरम भराई के करने, बॉस्केटबॉल कोर्ट निर्माण के लिए बिना प्रकाशन के मिलीभगत कर निविदाएं आंमत्रित कर अवैधानिक तरीके से कार्य करवाने, जनभागिदारी समिति से स्वीकृति लिए बगैर बॉस्केटबॉल ग्राउंड पर 38 ट्राली मुरम भराव करवाया, बिना जनभागिदारी समिति की स्वीकृति के भुगतान भी करने, शासकीय निर्माण एजेंसी को दरकिनार करते हुए निजी ठेकेदार को अधिक दरों पर कार्य सौंपा, नोटशीट एवं टेंडर में हस्तलिपि एक ही व्यक्ति की है।


यह शिकायत भारतीय मानवाधीकार परिषद सदस्य परमजीत सिंह फौजी द्वारा कलेक्टर अजयसिंह गंगवार से की गई। जिसमें उन्होंने पीजी कॉलेज नीमच में बॉस्केट बॉल कोर्ट निर्माण में भारी भ्रष्टाचार एवं अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच करने की मांग की गई। इस संबंध में दिए गए आवेदन में बताया गया कि लिखित शिकायती आवेदन पत्र सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर प्रस्तुत किया है। पीजी कॉलेज में 10 जुलाई 2018 को जनभागीदारी समिति की बैठक में बॉस्केटबॉल ग्राउंड बनाने की स्वीकृति हुई थी। जिस पर कार्यवाही करते हुए प्राचार्य द्वारा उक्त कार्य करने के लिए सीमित निविदाएं आमंत्रित की गई। उक्त प्राप्त निविदाओं के अनुसार कार्य नहीं करते हुए संबंधित ठेकेदार एवं प्राचार्य द्वारा मिलीभगत कर पहले से निर्मित टेनिस कोर्ट ग्राउंड के ऊपर ही बॉस्केटबॉल ग्राउंड का निर्माण कर दिया गया। प्राप्त निविदा अनुसार बॉस्केट बॉल ग्राउंड का निर्माण करने के लिए खुदाई एवं मुरम भराई के पश्चात बॉस्केट बॉल ग्राउंड निर्मित करना था, परंतु टेनिस कोर्ट के पूर्व से चयनित स्थान पर निर्मित होने के कारण खुदाई एवं मुरम भराई का कार्य नहीं किया गया, ओर उक्त कार्य के लिए प्राचार्य द्वारा ठेकेदार से मिलीभगत कर भुगतान कर दिया गया। ऐसा कर प्राचार्य एवं ठेकेदार द्वारा मिलीभगत कर निर्माण कार्य में वित्तीय भ्रष्टाचार एवं अनियमितताएं की गई।


जनभागिदारी समिति अध्यक्ष से नियमानुसार अनुमति लेकर कार्य किया गया है।
-डॉ वीके जैन, पूर्व प्राचार्य, पीजी कॉलेज

उक्त निर्माण कार्य मेरे कार्यकाल में नहीं पूर्व प्राचार्य के कार्यकाल में हुआ है। इस संबंध में जांच होती है तो समिति को वास्तविक तथ्यों से अवगत कराते हुए सहयोग करेंगे।
-डॉ एलएन शर्मा, प्राचार्य, पीजी कॉलेज

Updated On:
24 Aug 2019, 01:02:15 PM IST

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