FSSAI दूसरी बार सब्सटेंडर्ड पाए गए व्यापारियों के लाइसेंस होंगे निरस्त

By: Mukesh Sharaiya

Updated On: 24 Aug 2019, 02:52:12 PM IST

  • 8 व्यापारियों के यहां से हुई है मिलावट की पुष्टि

नीमच. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए गए हैं। दो बार मिलावट करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय विभाग ने लिया है।

कैले पकाने में हो रहा था घातक रसायन का उपयोग
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जून और जुलाई 19 माह में कई फर्मों पर दबिश देकर जांच के लिए नमूने लिए गए थे। अब एक-एक कर नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो रही है। विभाग को 8 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें सभी नमूने अवमानक पाए गए। मुख्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन 15 जुलाई 16 को नीमच फ्रूट मार्केट स्थित वीरुमल एंड संस के यहां दबिश दी गई थी। जांच में एमआई गु्ररुपोन प्लॉट ग्रोथ रेगुलेटर रसायन से कैले पकाते पाया गया था। रसायन का नमूना जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया था। वहां से विभाग को जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जांच में स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक पाया गया है रसायन। इस आधार पर फर्म संचालक मुरलीधर अठवानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पनीर, अजवाइन और धनिया निकला अवमानक
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा 22 जुलाई 19 को भाग्येश्वर महादेव मंदिर के सामने स्थित राजू दूध डेयरी से पनीर का नमूना लिया गया था। जांच में पनीर सब्सटेंडर्ड पाया गया। पनीर में फेट की मात्रा 50 प्रतिशत होना चाहिए थी। जांच में 41.6 प्रतिशत निकली। इस आधार पर सब्सटेंडर्ड निकला। डेयरी संचालक राजकुमार केशवानी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मालखेड़ा रोड स्थित ललित ट्रेडर्स के यहां से 16 जुलाई को अजवाइन का नमूना लिया गया था वो भी सब्सटेंडर्ड पाया गया। फर्म संचालक ललितकुमार लालवानी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई 19 को श्री सुधा अरनियाकुमार सादड़ी रोड नीमच से स्पेशन तेजा मिर्ची का नमूना लिया गया। मिर्ची स्टेंडर्ड निकली लेकिन पैकिंग मिथ्या छाप पाए जाने पर फर्म संचालक विजय पिता ज्ञानचंद जैन के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। विभाग की टीम ने 20 जून को बस में से फर्म मनीषकुमार आशीष कुमार का धनिया जब्त किया था। जांच में धनिया सब्सटेंडर्ड पाया गया। इस आधार पर फर्म संचालक मनीष पिता रमेशचंद्र अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्याम सुदर्शन इंटरप्राइजेस से 16 जून 19 को धनिया का नमूना लिया गया था। जांच में धनिया अवमानक पाया गया। फर्म संचालक सुमित मंगल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धनेरियाकला स्थित गोविंद भगत एंड कम्पनी के यहां से 24 जून 19 को धनिया का नमूना लिया गया था। वो भी अवमानक पाया गया। फर्म संचालक गोविंद पिता मंगल अहीर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संघवी ट्रेडर्स के यहां से 21 जून 19 को लिया गया धनिया का नमूना भी जांच में सब्सटेंडर्ड निकला। फर्म संचालक अमित जैन के खिलाफ विभाग की ओर से प्रकरण तैयार का एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।
अब लाइसेंस किए जाएंगे निरस्त
जिन व्यापारियों की खाद्य सामग्री जांच में दो बार सब्सटेंडर्ड पाई गई उनकी सूची तैयार की जा रही है। ऐसे व्यापारियों के खाद्य लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो प्रतिष्ठान सील करने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों की नकेल कसने में मदद मिलेगी।
- संजीवकुमार मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

Updated On:
24 Aug 2019, 02:52:11 PM IST

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