माहेश्वरी समाज का उत्पत्ति दिवस महेश नवमी पर्व पर शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा में शामिल देवी-देवताओं की झांकियां आस्था का केन्द्र बनी रही। शहर के विभिन्न मार्गों पर इसका पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। शोभायात्रा के पश्चात हुए महेश पूजन में समाज के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
माहेश्वरी पंचायत संस्थान, महेश युवा संघ एवं महिला संगठन के तत्वावधान में शोभायात्रा मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे माहेश्वरी पंचायत पोल से निकली। शोभायात्रा नकासगेट, सोनीवाड़ा, बाठडिय़ों का चौक, बंशीवाला मंदिर, भण्डारियों की गली, हाथी चौक व पीपली गली होते हुए पंचायत पोल पहुंची। महिला लाल रंग की चुनरी में सिर पर कलश लेकर चल रही थी, और पुरुष वर्ग सफेद रंग के परिधानों में था। भगवान शिव, गणपति, और पार्वती की जीवंत झांकियां लोगों के श्रद्धा का केन्द्र बनी रही। रास्ते में भजनों की धुन पर इसमें झूमते-गाते चल रही महिलाओं के स्वरों से वातावरण बदला रहा। लोगों ने कई जगहों पर ड्राई फ्रूट एवं जूस के साथ शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा पंचायत पोल पहुंची। यहां पर महेश पूजन किया गया। भगवान महेश एवं मां जगदंबा की आरती हुई। बाद में माहेश्वरी पंचायत पोल संस्थान के सहसचिव गिरीराज सोनी की ओर से आय-व्यय का विवरण दिया गया। माहेश्वरी महिला संगठन अध्यक्ष नीलू खड़लोया ने पूरे वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारियां दी। संचालन महेश अटल ने किया। इस दौरान चम्मच रेस, मेमोरी टेस्ट, महिलाओं हेतु १६ कांकरी एवं स्टायलिश साड़ी पहनने की हुई प्रतियोगिताओं में विजेताओं को सम्मानित किया गया।
भजनों की प्रस्तुतियां दी

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