श्रावण के सोमवार को टाली बकरीद की कुर्बानी

By: Navneet Sharma

Updated On: Aug, 12 2019 07:36 PM IST

  • Eid: छाता बाजार के मुस्लिम समुदाय की अनूठी मिसाल
    हिन्दू और मुस्लिम समुदायों ने इसे साम्प्रदायिक सौहार्द बताते हुए जनहित में बताया

Namaj

मुजफ्फरपुर .बिहार के मुजफ्फरपुर(Mujaffarpur) जिले में बकरीद(Bakreed) पर साम्प्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। इस दौरान जिले के छाता बाजार स्थित मुस्लिम परिवारों ने श्रावण के आखिरी सोमवार को कुर्बानी(Eid) को टाल दिया है। यह सब श्रावण के सोमवार को बकरीद पडने पर स्थानीय मुस्लिम परिवारों ने शांति का संदेश देने के लिए किया है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अब 13 अगस्त को कुर्बानी देने का फैसला लिया है। दरअसल छाता बाजार स्थित गरीबनाथ(Gareebnath temple) मंदिर में श्रावण सोमवार को काफी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा करने पहुंचते हैं।

सोमवार को नहीं होगी कुर्बानी
मस्जिद से भी इस मामले में सार्वजनिक रूप से इस निर्णय की घोषणा की गई है। छाता बाजार मस्जिद के पास ही गरीबनाथ भोले का मंदिर है और यहां दो दर्जन से ज्यादा मुस्लिम परिवार भी रहते हैं। सभी ने यह फैसला लिया है कि बकरीद की कुर्बानी सोमवार की जगह मंगलवार को होगी। यह फैसला भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को देखते हुए लिया गया है।
स्थानीय परिवारों का कहना है कि इस फैसले से समाज में शांति का पैगाम गया है। सोमवार को बकरीद की नमाज(Namaj) अपने पूर्व निर्धारित समय पर अदा की गई।

भारी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालू
सावन के सोमवार को भोलेबाबा के मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी हो जाती है यह आंकडा कई हजारों तक पहुंच जाता है। इस दौरान बडी संख्या में कांवड़िए भी पहुंचते हैं और भगवान शंकर का जलाभिषेक करते हैं। बताया जा रहा है कि छाता बाजार में यह पहला मौका है कि बकरीद और सावन महीने का सोमवार को देखते हुए यह फैसला लिया गया हैं।

Published On:
Aug, 12 2019 06:15 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।