ऐसे फैलता है जानलेवा 'चमकी बुखार', बिहार में इससे अब तक हो चुकी है 55 बच्चों की मौत, केंद्र ने भेजी टीम

By: Prateek Saini

Updated On:
12 Jun 2019, 04:26:55 PM IST

  • हर साल महामारी की शक्ल ले रही इस बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की है...

(मुजफ्फरपुर): जापानी इंसेफेलाइटिस का उत्तर बिहार में कहर लगातार जारी है। अब तक इससे 55 बच्चों की मौत हो गई और डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। आज भी चार बच्चों की मौत हुई। सोमवार को सर्वाधिक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। जापानी इंसेफेलाइटिस को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार भी कहा जाता है।


चमकी बुखार (जापानी इंसेफेलाइटिस) के कहर के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर विशेषज्ञों की टीम बिहार पहुंची। इस दल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा अन्य जानकार हैं। यह टीम बुखार के कहर की पड़ताल करते हुए उसकी रोकथाम के उपाय करेगी।

 

यह है लक्षण

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के पहले शुरू होता है। यह एक प्रकार के वायरस के फैलाव से जुड़ी बीमारी है। बच्चों के शरीर में तेज बुखार के साथ दिमाग समेत कोमल अंगों पर आघात होता है। जानकारों का मानना है कि लीची और आम के सीजन में एक जहरीले तत्व के बच्चों के शरीर में फैलने से इसका फैलाव होता है। हर साल महामारी की शक्ल ले रही इस बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की है।

Updated On:
12 Jun 2019, 04:26:55 PM IST

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