सरकार ने बदले नियम, यहां से 10 नहीं बल्कि 3 साल बाद भी निकाल पाएंगे अपना पैसा

By: Dimple Alawadhi

Published On:
Jan, 09 2019 04:39 PM IST

  • अभी तक एनपीएस अकाउंटहोल्डर्स रिटायरमेंट के बाद पूरा या फिर NPS में डिपॉजिट शुरू होने के मिनिमम 10 साल बाद ही पैसा विदड्रॉ कर सकते थे लेकिन अब वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि NPS सब्सक्राइबर्स जरूरत पड़ने पर केवल तीन साल बाद भी NPS अकाउंट से प्रीमैच्योर विदड्रॉल कर सकेंगे।

नई दिल्ली। नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) खाताधारकों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अभी तक अकाउंटहोल्डर्स रिटायरमेंट के बाद पूरा या फिर NPS में डिपॉजिट शुरू होने के मिनिमम 10 साल बाद ही पैसा विदड्रॉ कर सकते थे लेकिन अब वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा है कि NPS सब्सक्राइबर्स जरूरत पड़ने पर केवल तीन साल बाद भी NPS अकाउंट से प्रीमैच्योर विदड्रॉल कर सकेंगे।


इसलिए उठाया गया ये कदम

हालांकि विदड्रॉल की लिमिट NPS अकाउंट में मौजूद बैलेंस के 25 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती। सब्सक्राइबर्स के Tier-II अकाउंट से विदड्रॉल पर कोई प्रतिबंध नहीं है। NPS एक फ्यूचर सेविंग अकाउंट है और सब्सक्राइबर के रिटायर हो जाने के बाद ही वह इसका पैसा प्राप्त कर सकता हैं। ऐसे में सब्सक्राइबर्स के समक्ष अचानक आई वित्तीय जरूरतों की संभावना को देखते हुए सरकार ने NPS अकाउंट से आंशिक विदड्रॉल की अनुमति दी है।


क्या है NPS ?

एनपीएस एक रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट है, जिसे भारत सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था। इस तारीख के बाद जॉइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है। 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया है। जिसके चलते प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है। NPS में दो तरह के अकाउंट होते हैं Tier-I और Tier-II। Tier-I एक रिटायरमेंट अकाउंट होता है, जिसे हर सरकारी कर्मचारी के लिए खुलवाना अनिवार्य है। वहीं Tier-II एक वॉलेंटरी अकाउंट होता है, जिसमें कोई भी वेतनभोगी अपनी तरफ से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकता है और कभी भी पैसे निकाल सकता है।

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Jan, 09 2019 04:39 PM IST

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