आईपीओ में निवेश का बड़ा मौका, शानदार रिटर्न के लिए जान लें ये जरूरी बातें

manish ranjan

Publish: Sep, 09 2017 04:13:00 (IST)

Mutual Funds

इस महीने देश में करीब 14000 करोड़ के आईपीओ आ रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के पास इन आईपीओ से कमाई करने का शानदार मौका है।

नई दिल्ली। इस महीने देश में करीब 14000 करोड़ के आईपीओ आ रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के पास इन आईपीओ से कमाई करने का शानदार मौका है। पुराने निवेशकों के साथ-साथ आईपीओ उन निवेशकों के लिए भी अच्छा विकल्प होता है जो इस मार्केट में पहली बार निवेश कर रहे हैं। लेकिन आईपीओ में निवेश करने से पहले कुछ जरुरी बातें जान लेना बहुत ही जरुरी है। क्योकिं इसमें कई ऐसी शर्तें होती है जिसे बिना समझे निवेश करना नुकसानदायक हो सकता है। आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को ऑफर डॉक्युमेंट को अच्छी तरह से पढ़ना बहुत जरुरी है। क्योकिं इसी डाक्यूमेंट में कंपनी की सारी जानकारी होती है। मसलन, कंपनी की ताकत, कंपनी के प्रमोटर्स का प्रोफाइल, रिस्क फैक्टर समेत कई ऐसी चीजे हैं जो आपको ये बताती है कि इस कंपनी में निवेश करना चाहिए या नहीं। इसके अलावा और भी कई ऐसी जरुरी बातें है जिसे समझकर ही आईपीओ में पैसा लगाना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है ये जरूरी चीजें।

 

आइपीओ निवेश से पहले ये करें चेक

कंपनी की रेटिंग
प्राइसिंग का फॉर्मूला
रेड हेयरिंग प्रोस्पैक्ट
ग्रीन शू ऑप्शन

 

रेटिंग चेक करें

एक अच्छा आईपीओ चुनने के लिए रेटिंग एजेंसियों की रेटिंग देखें। रेटिंग एजेंसियां कंपनी के फंडामेंटल देखकर रेटिंग देती हैं। साथ ही कंपनी के अच्छे बिजनेस के साथ साथ आईपीओ की कीमत भी देखें। ब्रोकर्स की रिपोर्ट को भी देखना चाहिए। बाजार में प्रोमोटर्स की साख भी देखें और प्रोमोटर्स के अलावा दूसरे निवेशकों के बारे में भी जानकारी जुटाएं।


कैसे तय होती है प्राइसिंग

आईपीओ प्राइसिंग का कोई तय फॉर्मूला नहीं होता है। आईपीओ की प्राइसिंग में फैस वैल्यू और प्रीमियम अहम पहलू होती है। इन दिनों फैस वैल्यू पर आईपीओ बेहद कम आते हैं। आजकल आईपीओ प्रीमियम पर ही मिलते हैं। जिसे प्राइस प्रोमोटर्स और मर्चेंट बैंकर तय करते हैं। आईपीओ में शेयर अलॉटमेंट के लिए आईपीओ के पहले ज्यादातर शेयर प्रोमोटर्स के पास होते हैं। जो कि बाद में आईपीओ के पास जुड़ जाता है। एसईबीआई ने आईपीओ के बाद इसके के नियम बनाए जिसके तहत लिस्ट होने के बाद कंपनी में कम से कम 25 फीसदी नॉन प्रोमोटर्स जरूरी होते है। प्रोमोटर्स की हिस्सेदारी अधिकतम 75 फीसदी होती है।

 

14,100 करोड़ के आईपीओ

कंपनी आईपीओ साइज सेक्टर
डिक्शन टेक्नोलॉजी 600 करोड़ रुपए इलेक्ट्रॉनिक्स
भारत रोड 600 करोड़ रुपए रोड/कंस्ट्रक्शन
कैपेसाइट इंफ्रा 400 करोड़ रुपए कंस्ट्रक्शन
मैट्रीमोनी. कॉम 600 करोड़ रुपए इंटरनेट
आईसीआईसीआई लोबांर्ड 600 करोड़ रुपए फाइनेंशियल
एसबीआई लाइफ 700 करोड़ रुपए फाइनेंशियल

Web Title "Best time to invest in IPO Know these things to get great return"

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