maha politics : हैदराबाद इनकाउंटर मामले में शिवसेना -कांग्रेस आमने -सामने ,

By Ramdinesh Yadav

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06 Dec 2019, 08:20 PM IST

Mumbai, Mumbai, Maharashtra, India

मुंबई। हैदराबाद बलात्कार कांड के चारो आरोपियों के इनकाउंटर से देश में तेलंगाना पुलिस प्रशासन की सराहना हो रही है तो वही महाराष्ट्र में इस पर राजनीति शुरू हो गई है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी में ही शिवसेना और कांग्रेस नेता आमने सामने आ गए हैं। भाजपा और वंचित बहुजन विकास अघाड़ी के नेता भी इसमें उतर गए हैं। शिवसेना ने उक्त इनकाउंटर को अनुचित बताते हुए सीबीआई जांच की मांग कर दी है तो वही कांग्रेस ने इसका समर्थन किया है। और तेलंगाना पुलिस का अभिनन्दन किया है। वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष ने भी शिवसेना के सुर में सुर मिलाया है तो भाजपा ने इसे जनता के हित में बताया है।
शिवसेना की वरिष्ठ नेता तथा विधान परिषद् में उपसभापति नीलम गोर्हे ने कहा कि पुलिस ने मामले में जिन आरोपियों का इनकाउंटर किया है वे वास्तव में अपराधी थे की नहीं , यह स्पष्ठ होना बाकी था. पुलिस ने इनकाउंटर कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का काम किया है। कही निर्दोष लोग तो नहीं मारे गए हैं। इसकी जांच सीबीआई या सीआईडी के माध्यम से होनी चाहिए। गोर्हे ने यह भी स्वीकार किया कि यदि वे वास्तव में दोषी थे तो उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए।
कांग्रेस की विधायक प्रणीति शिंदे ने इस मामले में तेलंगाना पुलिस का अभिनन्दन किया है। कहा कि पुलिस के इस काम से मृतक प्रियंका की आत्मा को शांति मिली है। उक्त राज्य की सरकार को पुलिस के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। मामले की फ़ाइल बंद करनी चाहिए।

maha politics : हैदराबाद इनकाउंटर मामले में शिवसेना -कांग्रेस आमने -सामने ,

वंचित बहुजन अघाड़ी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर ऐसे इनकाउंटर नहीं किये जा सकते हैं। तुरंत न्याय देने की प्रथा जो पुलिस ने शुरू किया है वही समाज के लिए खतरा है। ऐसे पुलिस कर्मियों के प्रति करवाई होनी ही चाहिए। इस मामले की जांच होनी चाहिए ,
जबकि भाजपा नेता व् छत्रपति शिवजी महाराज के पड़पोते उदयनराजे भोसले ने ट्वीट कर तेलंगाना पुलिस को बधाई दी है। इनकाउंटर को जनहित में बताया है।
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maha politics : हैदराबाद इनकाउंटर मामले में शिवसेना -कांग्रेस आमने -सामने ,

वरिष्ठ अधिवक्ता उज्जवल निकम ने भी इस मामले को अनुचित बताते हुए कहा कि इन आरोपियों का इनकाउंटर करना पूरी तरह से गलत है। यह कानूनी दायरे के बाहर है। इससे राज्य में कानून व्यवस्था को धोखा होगा। इसका दुष्परिणाम भविष्य में देखने को मिल सकता है।

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