इस मोबाइल एप की मदद से घर बैठे कर सकते है डांस की प्रैक्टिस

By: Kamal Singh Rajpoot

Published On:
Jan, 25 2017 12:45 PM IST

  • लेखिका आनंदा शंकर जयंत ने भरतनाट्यम का अभ्यास करने वालों को अपने डांस क्लासेस के अलावा भी अपने घर पर अपना डांस प्रैक्टिस जारी रखने में मदद करने के लिए वेब आधारित एप जारी किया है। 
हैदराबाद। प्रख्यात नर्तकी, विदुषी व लेखिका आनंदा शंकर जयंत ने भरतनाट्यम का अभ्यास करने वालों को अपने डांस क्लासेस के अलावा भी अपने घर पर अपना डांस प्रैक्टिस जारी रखने में मदद करने के लिए वेब आधारित एप जारी किया है। अपनी तरह के पहले डांस प्रैक्टिस एप 'नाट्यरंभा' की लॉचिंग के मौके पर प्रख्यात नृत्यांगना ने कहा कि वेब आधारित इस एप्लिकेशन का उद्देश्य डांस क्लास में प्रशिक्षण और घर में प्रैक्टिस के बीच की खाई को पाटना है।

उन्होंने कहा, आज की व्यस्त जीवन शैली में, शिक्षक के द्वारा भरतनाट्यम में औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए एक सप्ताह में कुछ ही घंटे का समय देना संभव है, जिस कारण छात्रों को घर में प्रैक्टिस करना अनिवार्य हो जाता है। लेकिन कई छात्रों को घर में प्रैक्टिस करने में कठिनाई होती है, क्योंकि घर में उनका मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं होता। यह एप्लिकेशन आपको कभी भी कहीं भी प्रैक्टिस करने के लिए सक्षम बनाता है।

अपनी तरह के इस पहले एप्लिकेशन को हैदराबाद स्थित गैर-लाभकारी संस्था शान-कर्णदा कलाक्षेत्र ने अपनी डिजिटल पहल के तहत विकसित किया है, जहां आनंदा कलात्मक निदेशक हैं। यह भरतनाट्यम के कलाकारों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षण देने और पेश करने के अलावा सामूहिक प्रभाव भी पैदा करता है। नर्तकी, कोरियोग्राफर और गुरु के रूप में चार दशक से अधिक समय तक अनुभव हासिल करने के बाद, आनंदा ने अपने छात्र और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल स्नेहा मगपू के सहयोग से कुछ साल पहले 'नाट्यरंभा' ऐप बनाया था और एक पारंपरिक नृत्य शैली में प्रौद्योगिकी वेव को शामिल कर दिया।

यह मोबाइल फोन सहित किसी भी डिवाइस पर चल सकता है और दुनियाभर में छात्रों और नृत्य कलाकारों को घर में प्रैक्टिस के लिए उच्च गुणवत्ता वाले विस्तृत मार्गदर्शन और प्रैक्टिस मॉड्यूल के लिए डिजिटल तक पहुंच प्रदान करता है। इसमें निमोनिक्स विज्ञान, संगीत और विजुअल्स से संबंधित अध्याय हैं जो भरतनाट्यम वर्ग के फार्मेट को दोहराते हैं। प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. सोनल मानसिंह ने इस ऐप की प्रशंसा करते हुए कहा, "यह एप भाषा, लिंग और राष्ट्रीयता से परे सभी उम्र के लोगों के लिए सही समय में वरदान के रूप में आया है और शिक्षक, मित्र, नर्तकों और रसिकाओं के लिए प्रेरक बनने का वादा करता है।

Published On:
Jan, 25 2017 12:45 PM IST