फ्रांस और इटली के बीच बढ़ा तनाव, राजदूत को वापस बुलाया

By: Mohit Saxena

Published On:
Feb, 12 2019 10:03 AM IST

  • फ्रांस सरकार ने इटली सरकार की तरफ से किए जा रहे दावों को इस कदम के लिए जिम्मेदार बताया है।

रोम। फ्रांस और इटली के बीच बीते माह से जारी तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच फ़्रांस ने अपने राजदूत को रोम से वापस बुला लिया है। वर्ष 1940 में इटली फासीवादी नेता बेनीतो मुसोलीनी द्वारा जंग के ऐलान के बाद यह पहला मौका है, जब फ्रांस ने यह सख्त कदम उठाया है। फ्रांस के विदेश मंत्री ने इस मामले में बयान जारी कर इटली सरकार की तरफ से किए जा रहे दावों को इस कदम के लिए जिम्मेदार बताया है। इटली के लोकप्रिय नेता और उप प्रधानमंत्री मैतियो साल्विनी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के बीच निजी आरोप-प्रत्यारोप कोई नया नहीं है। साल्वीनी ने बीते माह कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि फ्रांस की जनता जल्द ही एक 'भयानक राष्ट्रपति' से छुटकारा पा लेंगे। वहीं मैक्रॉ ने इटली में उभरते राष्ट्रवाद को कोढ़ की तरह बताते हुए कहा था कि अगर साल्विनी उन्हें दुश्मन की तरह देखते हैं तो 'वे सही हैं'।

आंतरिक मामलों में दखल का कोई अधिकार नहीं

इस बीच इटली के उप प्रधानमंत्री लूईजी दे मयो ने हाल ही में ट्विटर पर फ्रांस में सरकार के खिलाफ 'येलो वेस्ट' आंदोलनकारियों से मिलते हुए अपने नेताओं के साथ तस्वीरें जारी की थी। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद फ्रांस ने कहा था कि इटली को उनके आंतरिक मामलों में दख़ल देने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि इन दोनों यूरोपीय देशों के बीच जून 2018 से संबंधों में तनाव आना शुरू हो गया था, जब इटली में फ़ाइव स्टार मूवमेंट ने ज़ोर पकड़ा और दक्षिणपंथी लीग पार्टी ने मिलीजुली सरकार का गठन कर लिया था। इन दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर विवाद हैं।

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Published On:
Feb, 12 2019 10:03 AM IST

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