कालेधन वालों का बदल गया है अड्डा, स्विस बैंक की जगह यहां पैसा जमा कर रहे हैं भारतीय

Chandra Prakash

Publish: Sep, 14 2017 04:03:47 (IST)

Miscellenous India

स्विस बैंक की जगह एशियन टैक्स हेवन्स में कालाधन जमा कर रहे हैं भारतीय

नई दिल्ली: कालेधन को लेकर केंद्र की मोदी सरकार शुरु से ही प्रयासरत रही है। हाल ही में ये जानकारी मिली थी कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा आधा हो गया है। लेकिन अब खबर ये है कि कालेधन को लेकर अब लोगों ने अपना ठिकाना बदल लिया है, यानि कि अब भारतीय स्विस बैंक में कालाधन जमा न कराकर एशिया में ही उसे जमा करा रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार के कालेधन को लेकर छेड़ी गई मुहिम का ही असर है कि स्विस बैंकों में से कई लोगों ने अपने पैसे को निकाल लिया है। हालांकि अभी भी 4500 करोड़ की राशि स्विस बैंक में बताई जाती है।

BIS ने दी है जानकारी
पिछले कई सालों में विदेशों में जमा भारतीयों के धन में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है। साल 2015 तक भारतीयों के 4 लाख करोड़ रुपये विदेशी बैंकों में जमा थे। इस बात का खुलासा बैंक ऑफ इंटरनैशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) के द्वारा जारी किए डेटा से हुआ है। विदेशी खातों में भारतीयों के द्वारा जमा यह रकम साल 2015 में देश की जीडीपी का लगभग 3 फीसदी है।

2007 से 2015 तक 90% फीसदी की हुई है बढ़ोतरी
बीआईएस के डेटा में ये भी खुलासा हुआ कि साल 2007 से लेकर 2015 तक विदेशों में जमा भारतीयों के पैसे में 90 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई। बीआईएस ने ही ये खुलासा किया है कि भारतीय लोग अब स्विस बैंक की बजाए एशियन टैक्स हेवन्स में अपना कालाधन रख रहे हैं। बीआईएस के द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, हॉन्ग कॉन्ग, सिंगापुर, मकाऊ, मलयेशिया जैसे एशियन टैक्स हेवन्स में भारतीयों ने विदेशों बैंकों में जमा कुल धन का 53 प्रतिशत हिस्सा जमा किया हुआ है। स्विस बैंको में 2015 में केवल 31 फीसदी धन ही जमा था।

एशियन टैक्स हेवन्स में जमा हो रहा है पैसा
जारी किए गए आंकड़े कहीं न कहीं सरकार के लिए दिकक्त खड़ी करते हैं, क्योंकी सरकार जिस कालेधन धन का पता लगाने के लिए स्विस बैंको पर फोकस कर रही उसका एक बड़ा हिस्सा एशियन टैक्स हेवन्स में भी जमा किया गया है। पिछले कुछ सालों में दुनिया भर के देशों के दवाब की वजह से स्विट्जरलैंड अपने बैंकों में पैसा जमा करने के नियम को लेकर पारदर्शी हुआ है।

पनामा पेपर्स के बाद सामने आई बात
पनामा पेपर्स के खुलासे में भी यह बात सामने आई थी कि भारत समेत कई अन्य देशों के लोग अपना कालाधन छिपाने के लिए स्विस बैंकों की जगह एशियन टैक्स हेवन्स के बैंकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अगर सरकार कालेधन को देश में लाने को लेकर सच में गंभीर है तो उसे स्विस बैंकों के साथ-साथ एशियन टैक्स हेवन्स पर भी ध्यान देना होगा।

Web Title "Now indians credit blackmoney in asian tax heaven"