राजपूताना रेजीमेंट के जवान का शव रखकर एक्सप्रेसवे किया जाम, शहीद का दर्जा देने की मांग कर रहे ग्रामीण

 

सेना की कॉनवॉय में शामिल एक वाहन के टेंगा इलाके में खाई में पलट जाने के दौरान जीतू सिंह की मृत्यु हो गई थी।

मथुरा। मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में हादसे का शिकार हुए जवान जीतू का पार्थिव शरीर गुरुवार को उसके गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने जवान का शव को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे रखकर एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जवान का शव आने के बाद भी न तो कोई स्थानीय नेता उनके घर पहुंचा और न ही कोई अधिकारी। ग्रामीणों की मांग है कि जीतू सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए।

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ये है मामला
थाना मांट क्षेत्र के गांव जेसबां निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र महावीर सिंह, की तैनाती अरुणाचल प्रदेश में राजपूताना रेजीमेंट में थी। मंगलवार को सेना की कॉनवॉय में शामिल एक वाहन के टेंगा इलाके में खाई में पलट जाने के दौरान जीतू सिंह की मृत्यु हो गई थी। जीतू की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार को जवान का शव उसके घर पहुंचाया गया। इस दौरान गांव के सैकड़ों लोग शहीद सैनिक के परिवार को सांत्वना देने के लिए उसके आवास पर पहुंचे। लेकिन इस दौरान न तो कोई स्थानीय नेता, न मंत्री और न ही कोई अधिकारी उनके घर पहुंचा। इस बात से नाराज ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर यातायात ठप हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि जीतू को शहीद का दर्जा दिया जाए और उसके परिवार की सभी मांगे पूरी की जाए। जाम की सूचना मिलते ही आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर किसी तरह जाम खुलवाया।

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suchita mishra
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Web Title: Martyr status demand after army soldier's death jam yamuna expressway
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