यूपी के इस जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल में नकली मरीज

By: Amit Sharma

Published On:
Jun, 23 2019 02:02 PM IST

  • -दवाइयों के रखरखाव में घोर लापरवाही, खुले में रखी है दवा, आवारा कुत्ते स्टोर में बैठे मिले
    -चिकित्सक ने कहा - हमारी पद्धति में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी दवा दे सकता है

मथुरा। देश की प्राचीनतम और विश्वसनीय चिकित्सापद्धति आयुर्वेद से सरकार का ही भरोसा उठा गया है। इस पद्धति के तहत आम नागरिक इलाज करना भी चाहे तो भी संभव नहीं है। कृष्णा नगर स्थित राजकीय आर्योवेकि चिकित्सालय कहने तो तो 15 बैड का है लेकिन यहां सिर्फ मौके पर तीन बैड पाये गये। बाकी के बेड कहां हैं, पूछने पर स्टाफ जबाव नहीं दे सका। बताया गया कि जगह की कमी के चलते सिर्फ तीन बैड ही मिले। इन बैड की स्थिति ऐसी थी कि ठीक ठाक इंसान को अगर इन पर लिटा दिया जाए तो वह भी बीमार हो जाएगा। दवाओं के रखरखाव में भी घोर लापरवाही देखने को मिली।

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25-40 मरीज दिखाने होंगे
चौंकाने वाली बात सामने जब वहां मौजूद चिकित्सक अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि मेरी ड्यूटी यहां दो दिन रहती है, चार दिन सिरोहा में बैठता हूं। पहले यहां क्या होता था, मैं नहीं जानता। यह पुराने कर्मचारी ही बता सकते हैं। प्रतिदिन का एवरेज निकालें तो 8 से 10 मरीज रेगुलर हैं। आयुष विभाग से दवाएं अच्छी आ रही हैं। हमें ऊपर से कहा गया है कि मरीज कितने भी आएं, मरीजों की संख्या पूरी दिखानी पड़ेगी। मरीज आएं या नहीं आएं, आपको 25-30 या 40 मरीज दिखाने ही पड़ेंगे।

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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी देता है दवा
चिकित्सक ने कहा कि मेरे अस्पताल में सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वही दवा देता है। हमारे विभाग में स्वीपर ही दवाएं देते हैं। सबसे पहले स्टाफ की पूर्ति होनी चाहिए। दवाओं के बारे में अब कोई शिकायत नहीं है। अस्पताल की अपनी बिल्डिंग नहीं है। जिसने जहां मुफ्त में बैठने की जगह दे दी, सरकार ने वहीं बिठा दिया। इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहद खराब है। हमें एलोपैथी से मतलब नहीं होता है।

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जल्दी होगा सुधारः श्रीकांत शर्मा
इस संबंध में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जो संसाधन है वर्तमान में है, उनमें बेहतर व्यवस्था कैसे कर सकते हैं, प्रयास किया जा रहा है। हमें शिकायतें मिली हैं। स्वास्थ्य मंत्री से भी इस संबंध में बात की गई है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।

Published On:
Jun, 23 2019 02:02 PM IST

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