डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, 34 पैसे लुढ़ककर 74.39 पर बंद

By:

Updated On:
09 Oct 2018, 06:24:00 PM IST

  • छह दिनों में भारतीय मुद्रा में 185 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार की गिरावट और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर की मजबूती से मंगलवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा 33 पैसे लुढ़ककर अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर 74.39 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के शुद्ध बिकवाल बने रहने का भी रुपए पर दबाव रहा। इसमें मंगलवार को लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। इन छह दिनों में भारतीय मुद्रा में 185 पैसे कमजोर हुई है। गत कारोबारी दिवस पर रुपया 30 पैसे की गिरावट में 74.06 रुपए प्रति डॉलर रहा था।

रुपए पर पूरे दिन बना रहा रुपया

घरेलू शेयर बाजार की शुरुआती तेजी के दम पर रुपया 13 पैसे की बढ़त में 73.93 रुपए प्रति डॉलर पर खुला। यह शुरुआती कारोबार में 73.88 रुपए प्रति डॉलर के दिवस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। लेकिन, इसके बाद पूरे कारोबार के दौरान रुपए पर दबाव बना रहा। एफपीआई की पूंजी बाजार से 46 करोड़ डॉलर से अधिक की निकासी और डॉलर की मजबूती के दबाव में यह 74.39 रुपए प्रति डॉलर के अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़क गया और यही इसका बंद भाव भी रहा।

छह महीने के निचले स्तर पर शेयर बाजार

वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और रुपए में जारी गिरावट के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स और आईटीसी जैसी दिग्गज कंपनियों में गिरावट के दबाव में मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार छह महीने के निचले स्तर पर आ गए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 174.91 अंक यानी 0.51 फीसदी टूटकर 34,299.47 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 47 अंक यानी 0.45 फीसदी की गिरावट में 10,301.05 अंक पर आ गया। देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स में 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही और यह दोनों शेयर बाजारों में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनी रही। उसकी यूरोपीय इकाई जगुआर लैंड रोवर की बिक्री सितम्बर में 13.2 फीसदी घटने की रिपोर्ट के बाद निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में बिकवाली की। इसके अलावा जगुआर लैंड रोवर के ब्रिटिश संयंत्र में दो सप्ताह के लिए उत्पादन बंद करने की योजना की खबर आने के बाद भी कंपनी पर दबाव बना।

Updated On:
09 Oct 2018, 06:24:00 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।