भाजपा अपने पार्षदों को संभालने में जुटी तो कांग्रेस की नजरें भाजपा के पार्षदों पर

भाजपा अपने पार्षदों को संभालने में जुटी तो कांग्रेस की नजरें भाजपा के पार्षदों पर

मंदसौर.
17 फरवरी को होने वाले नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। हार्सट्रेडिंग के डर के बाद भाजपा ने अपने पार्षदों को संभालने का काम शुरु कर दिया है तो कांगे्रस की नजरें भाजपा पार्षदों व उनकी तैयारियों पर जमी है। कांग्रेस की इसी राजनीतिक चाल ने भाजपा की चितां बढ़ा दी है। इसी कारण बहुमत में होने के बाद भी भाजपा सजग होकर अपने पार्षदों का पल-पल का फीडबैक जुटा रही है।

गुरुवार को भाजपा नेताओं ने पार्षदों के साथ वन टू वन चर्चा कर सभी की राय जानी। इसके बाद भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें सभी पार्षदों की राय के आधार पर अध्यक्ष के चेहरे पर मंथन किया गया। भाजपा अपने पार्षदों को तोडफ़ोड़ से बचाने के लिए किसी गोपनीय जगह पर भेजने का मन भी बना रही है। यहां से रिपोर्ट प्रदेश भाजपा को भेजी जाएगी। वहां से नाम फायनल होने के बाद १७ को चुनाव से एनवक्त पहले भाजपा अपना उम्मीदवार फायनल करेंगी तो कांग्रेस में पर्यवेक्षक आज पहुंच रहे है।


वन टू वन में भाजपा के २२ पार्षद पहुंचे, एक ने फोन पर की चर्चा
शहर के बायपास क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में भाजपा के नेताओं ने पार्षदों के साथ वन टू वन चर्चा की। इसमें एक पार्षद से १० से १५ मिनट तक चर्चा की। भाजपा के २३ में से २२ पार्षद राय-शुमारी के लिए पहुंचे थे।

एक पार्षद रेखा-राजेश सोनी भीलवाड़ा होने के कारण नहीं पहुंचे तो उन्होंने नेताओं से फोन पर चर्चा कर अपनी राय बताई। प्रभारी जगदीश अग्रवाल, रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप ने पार्षदों से वन टू वन चर्चा के दौरान नपाध्यक्ष के लिए पार्टी की और से उपयुक्त नाम और विकल्प पर चर्चा करने के साथ चुनावी जीत के लिए समीकरण के साथ रणनीति पर भी बात की। साथ ही यह भी पूछा की संगठन बाहर भेजेगा तो जाने को तैयार है या नहीं। इस दौरान प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, जगदीश देवड़ा, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सुराना, महामंत्री अजयसिंह चौहान मौजूद थे। वन टू वन चर्चा के बाद पार्टी की कोर कमेटी की बैठक भी हुई।


आज आएंगे पर्यवेक्षक, रणनीति पर फोकस
वहीं कांगे्रस की तैयारियां भले ही अब तक जोर-शोर से नहीं चल रही है, लेकिन गोपनीय तरीके से अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज रहने के लिए कांग्रेस की चुनावी रणनीति हर राजनीति दांव खेल रही है। ऐसे में पर्यवेक्षक बटुकशंकर जोशी भी आज पहुंच रहे है।

जो कांग्रेस के पार्षदों से वन टु वन चर्चा करने के साथ ही नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। कांग्रेस पर्यवेक्षक की निगाह में ही सभी पार्षद चुनाव होने तक रहेंगे। कांगे्रस अपनी तैयारियों से ज्यादा भाजपा की तैयारियां व उनके पार्षदों की गतिविधियों पर निगाह जमाए हुए है। कांग्रेस के इसी दांव ने बहुमत वाली भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। हार्सट्रेडिंग का डर भाजपा को सताने लगा है। वहीं कांग्रेस भाजपा पार्षदों को लगातार यह ऑफर कर रही है कि भाजपा से टूटकर आने वाले को वह अपना चेहरा बनाएंगे। यदि भाजपा में अध्यक्ष के चेहरे पर नाराज होता है तो कांग्रेस उनसे संपर्क कर चुनावी चाल चलने की तैयारी में है।


दिल्ली चुनाव के बाद यहा भी पार्षद कांग्रेस में आने को उत्सुक
दिल्ली चुनाव के परिणाम के बाद पार्टी की नीतियों पर भरोसा नहीं रहा। ऐसे में कांग्रेस में आने का उत्सुक व व्याकुल कई हो रहे है। ऐसे में कोई भाजपा का पार्षद आता है तो हम उसका स्वागत करेंगे। कांग्रेस सभी पार्षदों की एकजुटता के साथ उपचुनाव लड़ेगी। -प्रकाश रातडिय़ा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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Web Title: If BJP is able to handle its councilors, then Congress eyes on BJP co
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