हजार मुश्किलों से लड़ YouTube से बनाया कॅरियर, आज कमाते हैं करोड़ों, जानें सफलता की कहानी

By: Deovrat Singh

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Published: 14 May 2019, 03:22 PM IST

मैनेजमेंट मंत्र

Amit Bhadana Success Story : अमित भडाना का जन्म 7 सितंबर 1994 को दिल्ली के जोहारीपुर गांव में हुआ। अपनी स्कूली समय से ही अमित एक होनहार छात्र रहे हैं। उन्होंने लॉ की पढ़ाई है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमीत बड़े होकर वकील बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और सोच रखा था। बचपन से ही अमित को लोगों को हंसाना और एंटरटेन करना अच्छा लगता है। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमित ने साल 1999 में अपने पिता को खो दिया था। जब उनके पिता का देहांत हुआ तो अमित काफी छोटे थे। किसी भी बच्चे के लिए छोटी उम्र में ये सदमा बर्दाश्त करना मुश्किल होता है। लेकिन अमित ने हिम्मत नहीं हारी और आगे बढ़े। अमित के चाचा और उनकी दादी ने उन्हें पाला। एक समय ऐसा भी था जब अमित क्रिकेट खेलने गए तो इनके चाचा ने इनका बल्ला तोड़ दिया। उस दिन अमित बहुत रोए और उसके बाद से ही क्रिकेट खेलना बंद कर दिया। घर में सबसे बड़े होने की वजह से अमित के उपर बहुत जिम्मेदारियां थी।

ऐसे शुरु हुआ कामयाबी का सफर
अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद अमित ने लॉ कालेज में दाखिला लिया। अपनी छुट्टियों के दौरान अमित ने एक वीडियो जब करके पेसबुक पर डाला। अमित के इस वीडियो को लोगों ने काफी पंसद किया। अपनी इस छोटी सी सफलता से अमित काफी खुश थे। तभी उनके एक दोस्त ने अमित को इस काम के उत्साहित किया। इसके बाद अमित ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड करने का सिलसिला जारी रखा। फिल्म बॉर्डर पर बनाए गए इनके वीडियो को लोगों ने खूब सराहा। इस रिस्पांस को देखने के बाद अमित ने अलग अलग तरह के वीडियो और कंटेट बनाने का फैसला किया। इसके बाद अमित ने ऐसे कंटेट बनाने का निर्णय किया जिसे पूरा परिवार बैठकर देख सके। हालांकि वो खुद कैमरे के सामने आने में झिझक महसूस कर रहे थे। लेकिन अपने दोस्त की मदद से इस झिझक को खत्म किया और खुद के वीडियो बनाने लगे। अमित द्वारा हरियाणवी भाषा में बनाए गए वीडियो को लोगों ने जमकर पसंद किया। आज उनके यूट्यूब चैनल पर 1करोड़ 48 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।

दादा साहेब फाल्के अवार्ड से नवाजा गया
अमित ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वो यूट्यूब पर वीडियो देखते थे तो उन्हें देसी स्टाइल गायब नजर आता था। इसी के चलते नया आईडिया दिमाग में आया। अमित ने देशी अंदाज में बहुत से वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए जिसका नतीजा भी सबके सामने हैं। यूट्यूब पर अमित की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वीडियो अपलोड करने के कुछ समय बाद ही वीडियो ट्रेंड करने लगता है। वीडियो के व्यूज मिलियंस में होते हैं। इनकी पाप्युलैरिटी की वजह से ही अमित भडाना को इस साल के दादा साहेब फाल्के पुरुस्कार में यबट्यूब क्रिएटर ऑफ इंडिया के खिताब से नवाजा गया है। जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया था उस दौरान परिवार वालों को मालूम नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे घरवालों को मालूम चला। अमित वीडियो की स्क्रिप्ट खुद ही लिखते हैं। वहीं वीडियो की शुटिंग उनका एक दोस्त करता है। उसके बाद पूरे वीडियो की एडिटिंग भी खुद अमित करते हैं।

अमित का कहना है कि आज मेरा चैनल पॉपुलर है लेकिन ये रातोंरात नहीं हुआ है, इसके पीछे कई सालों की मेहनत लगी है। बहुत समय के बाद कामयाबी हाथ लगी है। अमित का कहना है अगर आपके अंदर काबिलियत हैं तो आप एक साधारण चीज को भी पॉपुलर बना सकते हैं। जरूरी नहीं एक इंटरटेनिंग वीडियो बड़े सेट पर 5-10 बड़े कैमरे के साथ ही बनाया जाए। अगर आप यूट्यूब पर अपनी वीडियो डालना चाहते हैं तो ये न सोचे ये चलेगी या नहीं। बस बनाकर डाल दें। सफलता एक न एक दिन जरूर मिलेगी.

9 साल पहले सफर किया था शुरू
अमित ने 2012 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। उस दौरान यूट्यूब पर ज्यादा सक्रिय नहीं थे। अनुभव के लिए शुरूआत में एक वीडियो डाला तो लोगों का काफी अच्छा रिस्पांस मिला। उसके बाद में अमित अपने दोस्तों के साथ मिल कर वीडियो बनाते हैं और सभी मिलकर शूट करते हैं। इतना ही नहीं अमित भड़ाना अब ब्रांड बन चुके हैं। जिनके वीडियो डालते ही कुछ घंटो में ही मिलियन व्यूज आ जाते हैं। अमित की फैंन फॉलोविंग भी इतनी है की कई बॉलिवुड के दिग्गज भी फेल है।

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