मुख्यमंत्री के शहर से कम बाइक यहां होती है चोरी, जानिए वजह

By: Dheerendra Vikramadittya

Updated On:
25 Jun 2019, 12:47:41 PM IST


  • - बाइक चोरी के मामलों में देवरिया जिला दूसरे नंबर पर

यूपी में अपराध रोकने का दावा कर रही पुलिस मुख्यमंत्री के जिले में बाइक लिफ्टरों पर लगाम लगाने में विफल साबित हो रही। गोरखपुर जिले में औसतन दो बाइक रोज चोरी हो रही। अधिकतर बाइक की बरामदगी तक नहीं हो पाती। मंडल में महराजगंज जिला के लोगों को बाइक के लिए अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं। इस जिले में बाइक चोरी की घटनाएं सबसे कम है।

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पुलिस विभाग के आंकड़ों पर ही अगर गौर करें तो गोरखपुर जिला बाइक चोरी के मामले में अव्वल है। पिछले पांच महीना में गोरखपुर जिले में 262 बाइक चोरी के मामले दर्ज किए गए।
औसत निकाले तो 1.74 बाइक प्रतिदिन की दर से यहां बाइक लिफ्टर उठा रहे हैं। मंडल के जिलो में बाइक चोरी के प्रकरण में देवरिया दूसरे नंबर पर है। इस साल देवरिया जिले में 96 बाइक चोरी हुए। कुशीनगर में पिछले पांच महीना में 75 बाइक चोरी गई है। जबकि महराजगंज जिले में इस साल 45 बाइक चोरी की गई है। जिलों में बाइक चोरी की यह संख्या पुलिस की रिकार्ड में दर्ज मामलों का ही है। बहुतेरे मामलों में पुलिस केस दर्ज तक नहीं करती, ऐसे में उस संख्या के बारे में जानकारी नहीं मिल सकती।


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बरामदगी में फेल साबित हो रही पुलिस

गोरखपुर परिक्षेत्र के चारों जिलों में बाइक लिफ्टर गिरोह काफी सक्रिय हैं। पिछले साल इस रेंज में करीब चार सौ बाइक चोरी गई थी। अधिकतर की बरामदगी नहीं हो पायी थी। इस साल भी पांच महीनों में साढ़े तीन सौ से अधिक बाइक चोरी हो चुकी लेकिन बरामदगी के मामले में पुलिस कुछ बाइक ही पा सकी।
गोरखपुर में इस साल की चोरी गई 262 बाइक में महज 43 की बरामदगी हो सकी है जबकि देवरिया में 96 चोरी गई बाइक्स में 15 मिली। कुशीनगर में 73 चोरी गई बाइक में 13 मिल सकी हैं जबकि महराजगंज में 45 चोरी गई बाइक में 11 बरामदगी हो सकी है।

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अधिकतर मामलों में पुलिस ने लगाई रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी बाइक

गोरखपुर रेंज की पुलिस चोरी जा रही अधिकतर बाइक में रिपोर्ट लगा दी है कि अब ये बाइक नहीं मिल पाएगी। हालांकि, यह एक कानूनी प्रक्रिया है। चोरी गई बाइक पर इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए पुलिस की फाइनल रिपोर्ट जरूरी होती है। 90 दिनों में एफआर लग जाता कि बाइक बरामद हुई या उसे बरामद करना मुश्किल है। ऐसे में बीमा पाने के लिए पीड़ित चाहता है कि पुलिस या तो उसकी बाइक बरामद कर दे और नहीं कर पा रही तो जल्द से जल्द एफआर लगा दे ताकि वह बीमा का पैसा लेकर दूसरी बाइक खरीद सके। कानूनी जानकार बताते हैं कि यही वजह है कि पुलिस अधिकतर मामलों में एफआर लगा देती है।

इस साल की यह है स्थिति

जनपद बाइक चोरी बरामद फाइनल रिपोर्ट

गोरखपुर 262 43 204

देवरिया 96 15 84

कुशीनगर 75 13 63

महराजगंज 45 11 32

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Updated On:
25 Jun 2019, 12:47:41 PM IST

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