आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों को मानदेय में वृद्धि की मिली सौगात

Deepak Sahu

Publish: Sep, 12 2018 08:00:00 PM (IST)

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिनों को मानदेय में वृद्धि की सौगात मिली है। नवंबर महीने से उन्हें बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा।

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिनों को मानदेय में वृद्धि की सौगात मिली है। नवंबर महीने से उन्हें बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी एप एवं वीडियो लिंक के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए केंद्र के हिस्से में बढ़ोतरी करने की घोषणा की।

पीएम की घोषणा करने के बाद जिले में कार्यरत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर से लागू होगा, यानी आने वाले 1 नवंबर से बढ़ा हुआ मानदेय मिलने लगेगा। ज्ञात हो कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मितानिनें लंबे समय से मानेदय बढ़ाने की मांग कर रही थी। इसके लिए संघर्ष भी किया। हड़ताल के दौरान राज्य और केंद्र सरकार ने मानदेय में वृद्धि करने में असमर्थता जता दी थी। फिर सरकार की सख्ती के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हड़ताल वापस ले लिया। अब मानदेय बढऩे से जिले की 1750 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 1750 सहायिका और मितानिनों को फायदा होगा। जानकारी के मुताबिक अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार से 2250 रुपए के बदले 3500, सहायिकाओं को 1500 के बदले 2250 रुपए मानदेय मिलेगा।

वहीं मितानिनों को प्रोत्साहन राशि दोगुना करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही मितानिनों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ नि:शुल्क दिया जाएगा। वहीं दो-दो लाख की बीमा की प्रीमियम राशि केंद्र सरकार वहन करेगी। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा मानदेय में बढ़ोतरी के बाद अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के हिस्से में बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं। ताकि उन्हें सम्मानजनक मानदेय मिल सके।

आदेश का होगा पालन
महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एमडी नायक ने बताया केंद्र सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा हुई है। सरकार की ओर से जब आदेश आएगा, तब मानदेय का लाभ दिया जाएगा।

राज्य सरकार भी बढ़ाए
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुधा रात्रे ने बताया आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 50 दिन हड़ताल किया था, ये उसका ही परिणाम है। केंद्र सरकार को मानदेय बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया था। अतंत: केंद्र सरकार ने हमारी बात सुन ली। अब राज्य सरकार को भी अपने हिस्से का मानदेय बढ़ा देना चाहिए।

More Videos

Web Title "Anganwadi worker and intellectuals were given increase in honorarium"