कल का रिक्शा चालक आज का बिजनेसमैन

  • धरमवीर ने आज न केवल एक बड़ा बिजनेस खड़ा कर दिया है, बल्कि पन्द्रह.बीस लोगों को रोजगार देने के साथ सालाना 50-60 लाख रुपए से भी अधिक की कमाई कर रहे हैं।
संदीप पाल
लखनऊ.
किसी ने ठीक ही कहा है कि ईश्वर भी उसी की मदद करता है जो खुद की मदद करता है। यह बात धरमवीर सिंह कम्बोज पर सटीक बैठती है। कभी रिक्शा चलाने वाले धर्मवीर सिंह ने खुद के बुलन्द हौसले के चलते आज न केवल एक बड़ा बिजनेस खड़ा कर दिया है, बल्कि पन्द्रह.बीस लोगों को रोजगार देने के साथ सालाना 50-60 लाख रुपए से भी अधिक की कमाई कर रहे हैं।
अपने दम पर कुछ कर गुजरने की चाहत रखने वाले धरमवीर ने वो मुकाम हासिल किया है, जिसके बाद देश के पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत तमाम संगठनों और लोगों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

खुद का बिजनेस शुरू करने का आइडिया
1963 में जन्मे धरमवीर की शादी 18 साल की उम्र में हो गई थी। खेती से गुजारा न होने पर वह दिल्ली जाकर रिक्शा चलाने लगे। 1987 में एक एक्सिडेंट में उनका रिक्शा टूटने के साथ उनके पैर में गम्भीर चोट आर्इ और वह गांव लौट आये, लेकिन परिवार के भरण.पोषण की चिन्ता उन्हें सताये जा रही थी कि तभी उन्हें 2004 में किसानों के एक समूह के साथ राजस्थान में एलोवेरा और आंवला प्रोसेसिंग यूनिट में जाने का मौका मिला। यहीं से उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने का आइडिया आया, लेकिन प्रोसेसिंग यूनिट मशीनों की कीमत सुनकर उनके हाथ-पांव फूल गए। परन्तु धरमवीर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने खुद की मशीन बनाने का फैसला किया और उनकी मेहनत रंग लाई उन्होंने अप्रैल 2006 में खुद की मशीन बनाई, जिससे उन्होंने एलोवेरा का ज्यूस निकालने के काम की शुरुआत की। इसके बाद मशीन में कुछ नए सुधार कर उसे मल्टी पर्पज मशीन में तब्दील किया।

यह मल्टी पर्पज मशीन एक पोर्टेबल मशीन है, जो कि सिंगल फेज मोटर पर काम करती है और जिसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। इसकी मदद से कई प्रकार के फलों, बूटियों और बीजों की प्रोसेसिंग कर तैयार करने के बाद इसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाण, दिल्ली, उड़ीसा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, जम्मू.कश्मीर समेत देश के अन्य राज्य में सप्लाई किया जाता है।
 
विदेशों में भी है डिमांड

आज धरमवीर की मल्टी पर्पज मशीन की डिमांड न केवल भारत में है बल्कि विदेशों में भी है। वह यह मशीन बेचने के साथ देश में किसानों को परम्परागत कृषि से हटकर कुछ और नया करने में भी सहयोग कर रहे हैं। इस मल्टी पर्पज मशीन को और हल्का बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिससे की किसान और आसानी से मशीन द्वारा कम मेहनत में अधिक लाभ कमा सके। इसके अलावा कुछ और नई मशीनें बनाने का काम भी धरमवीर द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में जिन मशीनों की कीमत दो लाख व एक लाख तक है। नई मशीनें जो आयेंगी अथवा बनाई जा रही हैं उनकी कीमत 75000 से 1,25000 रुपये तक होगी, जिसकी क्वालिटी पहले से भी और बेहतर होगी।
धरमवीर बिजने को आगे बढ़ाने के लिए माइक्रो वेंचर इनोवेशन फंड (एमवीआईएफ) के तहत एनआईएफ और जीआईएएन नॉर्थ ने उनकी मदद की थी। धरमवीर कम्बोज जमुनानगर हरियाणा के मूल निवासी हैं।

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