सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ा झटका, दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट से आई बुरी खबर

Nitin Srivastava

Publish: Sep, 12 2018 09:21:09 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने सबको चौंकाया...

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सुप्रीम कोर्ट से बुरी खबर आई है। दरअसल साल 2007 में हुए गोरखपुर के दंगों में भड़काऊ भाषण देने के मामले में सीएम योगी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिए कि इस मामले में कानून के अनुरूप उचित आदेश पारित किया जाए।

 

सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

दरअसल सीएम योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसके मुताबिक भड़काऊ भाषण (हेट स्पीच) देने के मामले में ट्रायल कोर्ट कानून के मुताबिक फिर से सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह निर्देश भी दिए हैं कि वह अपने फैसले में विस्तार से कारण भी लिखे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दायर याचिका पर अपना फैसला सुनाया।

 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा याचिकाकर्ता

आपको बता दें कि बीते दिनों गोरखपुर के सेशन कोर्ट ने सीएम योगी के खिलाफ हेट स्पीच केस में सुनवाई बंद कर दी थी। दरअसल सेशन कोर्ट का कहना था कि सीएम योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी सही नहीं थी। सेशन कोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले के याचिकाकर्ता रशीद खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दाखिल की। जिसके बाद जनवरी 2018 में हाईकोर्ट ने भी रशीद खीन की याचिका खारिज कर दी। जिसके बाद रशीद खान सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा और हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की।

 

दोबारा होगी सुनवाई

याचिका दायर करने वाले रशीद खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक ट्रायल कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सुनवाई बंद करने के पीछे कोई विस्तृत कारण नहीं दिया। जिसके बाद सर्वोच्च न्यायलय ने इस मामले की सुनवाई दोबारा शुरू करने का फरमान सुनाते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट फिर से इस मामले की सुनवाई करे और आदेश जारी करे। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश पर विस्तृत कारण बताने के भी निर्देश दिए हैं।

 

ये है पूरा मामला

आपको बता दें कि रशीद खान की याचिका में आरोप है कि 27 जनवरी 2007 को सातवीं मुहर्रम था। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ की अपील पर दक्षिणपंथी संगठन हिन्दू वाहिनी और कारोबारी समुदाय के कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर नारेबाजी की थी। याचिका के मुताबिक इन लोगों ने उसी दिन कई संपत्तियों में आग लगा दी, धार्मिक पुस्तकों को नुकसान पहुंचाया और कई ऐसे काम किए जिनसे हालात काफी बिगड़ गए। वहीं जानकारों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए अब मुश्किलेंं बढ़ सकती हैं।

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Web Title "Supreme Court order against CM Yogi Adityanath in hate speech matter"